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कृषि विभाग में शीघ्र होगा महानिदेशक का पद सृजित, कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्तावः कृषि मंत्री

देहरादून। प्रदेश की कृषि और कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी में बुधवार को कृषि एवं उद्यान से संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस वार्ता में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार निरंतर किसानों की आय और उनके उत्पाद को दुगना करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि मंत्री जोशी ने बताया कि शीघ्र ही कृषि विभाग में एक डीजी का पद सृजित किया जाएगा और इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। मंत्री ने कहा कृषि एवं उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार करने हेतु सर्वप्रथम दोनों विभागों दृष्टि पत्र तैयार कर अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उद्देश्य तय किए गए है। बाह्य सहायतित परियोजना (जाइका) बागवानी के समग्र विकास हेतु जापान के सहयोग से ष्उत्तराखण्ड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजनाष् के रूप में उद्यान विभाग के अन्तर्गत रू0 526 करोड़ की प्रथम बाह्य सहायतित परियोजना स्वीकृत करायी गयी, जिसका क्रियान्वयन जनपद टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल एवं पिथौरागढ़ में किया जायेगा। दिसम्बर 2022 को जाइका परियोजना का औपचारिक शुभारम्भ जापानी अधिकारियो की उपस्थिति में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। जायका परियोजना की तर्ज पर प्रदेश के अन्य 09 जनपदों में औद्यानिकी के एकीकृत विकास के लिए ए०डी०बी० वित्त पोषण हेतु दो लाख करोड़ का प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। कीवी उत्पादन को बढ़ावा कीवी के रोपित पौधों की संख्या 2021-2022 में 93 हजार से बढ़ाकर 2022-2023 में 2 लाख 12 हजार हुई, लगभग दोगुनी। राज्य में उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनान्तर्गत रू0 16.56 करोड़ कीवी हेतु योजना स्वीकृत करायी गयी, जिसके सापेक्ष रू0 5.00 करोड़ अवमुक्त कर सदुपयोग किया गया ।

उच्च गुणवत्तायुक्त फल पौध रोपण वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को औद्यानिकी के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु वर्ष 2023-24 में उच्च गुणवत्तायुक्त फल पौध रोपण योजनान्तर्गत रू0 19.00 करोड बजट प्राविधान कराया गया । मिशन एप्पल योजनान्तर्गत 02 नाली भूमि वाले छोटे कृषकों को लाभान्वित करने हेतु संशोधन राज्य सैक्टर के अन्तर्गत सेब की अति सघन बागवानी को बढ़ावा देने हेतु संचालित मिशन एप्पल योजनान्तर्गत पूर्व में 20 नाली (0.40 हैक्टेयर) भूमि की बाध्यता को समाप्त करते हुए 02 नाली (0. 04 हैक्टेयर) भूमि वाले छोटे कृषकों को लाभान्वित कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा जहां पिछले वर्ष जहां 02 लाख सेब के पौधे लगाएं गए थे वहीं इस वर्ष 12 लाख से अधिक सेब के पौधे लगाएं गए है।

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