Rudraprayagउत्तराखंड

कालीमठ घाटी की कुणजेठी ग्राम पंचायत का बड़ा ऐलान, सार्वजनिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध

उल्लंघन पर 21 हजार का तगड़ा जुर्माना

Date/26/02/2026

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रूद्रप्रयाग। जनपद के दूरस्थ क्षेत्र कालीमठ घाटी की ग्राम पंचायत कुणजेठी ने नशा मुक्ति को लेकर ऐतिहासिक और सख्त फैसला लेते हुए पूरे क्षेत्र में मजबूत संदेश दिया है। महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने ग्राम प्रधान अनिल आर्य के नेतृत्व में आयोजित ग्राम सभा की आम बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में अब किसी भी सार्वजनिक आयोजन चाहे शादी हो, सगाई हो या कोई अन्य सामूहिक कार्यक्रम में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

ग्रामसभा में साफ शब्दों में तय किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब परोसते या सेवन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर ग्राम समिति की ओर से तत्काल 21,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इस निर्णय को गांव के सामाजिक अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में “जीरो टॉलरेंस नीति” के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नशे के कारण पारिवारिक विवाद, आर्थिक नुकसान और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं, जिन्हें रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया था।

निर्णय के बाद महिला मंगल दल की महिलाओं ने पूरे गांव में जागरूकता रैली निकालकर नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प दोहराया। “नशा छोड़ो, गांव जोड़ो” और “स्वस्थ समाज, मजबूत भविष्य” जैसे नारों से गांव की गलियां गूंज उठीं। महिलाओं ने युवाओं से नशे से दूर रहकर गांव के विकास में भागीदार बनने की अपील की। महिला मंगल दल की अध्यक्ष दीपा देवी ने कहा कि नशा परिवार और समाज दोनों के लिए घातक है। गांव को नशा मुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में महिला मंगल दल की समस्त महिलाएं एवं युवक मंगल दल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

डीएम ने की पहल की सराहना

रुर्द्रप्रयाग। इस संबंध में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, ने ग्रामीणों की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक निर्णय सामाजिक माहौल को सकारात्मक बनाए रखते हैं और गांवों में स्वस्थ वातावरण स्थापित करने में मददगार साबित होते हैं।

कुणजेठी की इस पहल की पूरे जनपद में चर्चा है। सामाजिक संगठनों ने इसे अन्य ग्राम सभाओं के लिए प्रेरणादायी मॉडल बताया। अब देखना यह होगा कि यह सख्त निर्णय अन्य गांवों में भी नशा मुक्ति की मुहिम को कितना बल देता है।

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