
Date/26/01/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अब तक का सबसे सख़्त, व्यापक और निर्णायक अभियान छेड़ रखा है। एमडीडीए द्वारा अब तक लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया, जबकि 1000 से अधिक अवैध निर्माणों को सील किया जा चुका है। यह कार्रवाई न केवल संख्या के लिहाज़ से ऐतिहासिक है, बल्कि इससे अवैध गतिविधियों में लिप्त और नियम तोड़ने वालों में भय का माहौल बना है। एमडीडीए की यह कार्रवाई अब किसी एक दिन, एक क्षेत्र या किसी प्रतीकात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। हर दिन बुलडोजर ज़मीन पर है, अवैध निर्माण चिन्हित किए जा रहे हैं और नियामानुसार सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि नक्शा पास कराए बिना, नियमों को ताक पर रखकर और अवैध रूप से प्लॉट काटने वालों पर निरंतर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया है। पदभार संभालने के बाद से ही उपाध्यक्ष के निर्देशों पर अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान को तेज़ किया गया है। फील्ड निरीक्षण, तकनीकी रिपोर्ट और शिकायतों के आधार पर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और बिना किसी देरी के कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि अवैध प्लॉटिंग केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा पर सीधा हमला है। अवैध कॉलोनियां भविष्य में जलभराव, ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट और आपदा की स्थिति पैदा करती हैं, जिसकी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है। इसी को देखते हुए एमडीडीए ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माण करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग करने वाले द्वारा भोले-भाले नागरिकों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचने की प्रवृत्ति पर भी कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।




