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एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था पहुंचे कैंची धाम, स्थापना दिवस मेले की तैयारियों का किया स्थलीय निरीक्षण

सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन व श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

दिनांक/12/06/2025

Dehradun/Uttarakhandprime 24×7 

देहरादून। कैंची धाम स्थापना दिवस मेले की सुरक्षा, यातायात एवं व्यवस्थाओं की तैयारियों के क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन द्वारा कैंची धाम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संपूर्ण आयोजन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े बिंदुओं की बारीकी से समीक्षा की। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

एडीजी ने सर्वप्रथम कैंची धाम मंदिर पहुंचकर बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। तत्पश्चात मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों एवं संभावित भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का आकलन किया। निरीक्षण उपरांत सरदार पटेल भवन, भवाली में आयोजित समीक्षा गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल द्वारा अब तक की गई तैयारियों का प्रस्तुतीकरण दिया गया। समीक्षा के दौरान एडीजी द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु मंदिर समिति एवं आयोजकों के साथ समन्वय बैठक कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या के अनुसार मंदिर में प्रवेश और निकासी प्रबंधित हो। वालंटियर्स की तैनाती से भीड़ प्रबंधन में सहयोग लिया जाए। ड्यूटी नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर उसमें जिम्मेदार अधिकारी तैनात हों। ड्रोन की सहायता से 24Û7 रीयल-टाइम निगरानी की व्यवस्था हो। सोशल मीडिया निगरानी सेल सक्रिय रहे और अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल फैक्ट चेक व विधिक कार्यवाही हो।

क्षेत्र को जोन एवं सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा आदि बलों की सुनियोजित तैनाती सुनिश्चित हो। सभी पुलिसकर्मियों की समय से ब्रीफिंग की जाय। सादे वस्त्रों में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी भीड़ में तैनात किए जाएं। संदिग्ध वस्तुओं की लगातार जांच की जाए। रूट डायवर्जन प्लान बनाकर उसका प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से किया जाए। शटल सेवा का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त बल की तैनाती हो। मंदिर, पार्किंग व अन्य स्थलों पर प्रवेश व निकासी के द्वार अलग-अलग चिन्हित किए जाएं। दर्शनार्थियों की संख्या का लगातार आकलन कर प्रवेश की अनुमति दी जाए। आवश्यक सूचना जैसे रूट प्लान, पार्किंग व्यवस्था, प्रसाद वितरण आदि से संबंधित फ्लेक्स बोर्ड प्रमुख स्थलों पर लगाए जाएं। पुलिस बल श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार करें, कोई दुर्व्यवहार न हो। हर संवेदनशील गतिविधि की वीडियोग्राफी कराई जाए। सभी जवान जनसुरक्षा, सेवा एवं सजगता की भावना के साथ ड्यूटी निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी तैयारियों को समयबद्ध, समन्वित एवं व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

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