
Date/23/09/2026
Srinagar Garhwal
Uttarakhand prime 24×7
श्रीनगर गढ़वाल। सराष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद द्वारा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (एचएनबीजीयू), श्रीनगर में “कृषि-स्टार्टअप हितधारक संपर्करू सहयोग एवं साझेदारी को बढ़ावा” विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, कृषि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, उद्यमियों तथा विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान करना और कृषि उद्यमिता, नवाचार, कृषि व्यवसाय तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं तथा स्वरोजगार के अवसरों पर जानकारी प्राप्त की।
प्रो. आर.एस. नेगी, निदेशक व डीन, कृषि एवं संबद्ध विज्ञान, चैरास परिसर ने कार्यक्रम के आयोजन एवं विभिन्न विशिष्ट अतिथियों और हितधारकों को एक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रकाश सिंह, कुलपति, एचएनबीजीयू ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, जबकि डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. सरवनन राज, निदेशक (कृषि विस्तार) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मैनेज ने अपने संबोधन में कृषि-स्टार्टअप, कृषि व्यवसाय, किसान उत्पादक संगठन, इंटर्नशिप, कृषि विस्तार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवीन विचारों को केवल शैक्षणिक स्तर तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक उद्यमों में परिवर्तित करने का आह्वान किया, जिससे रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए नवीन तकनीकों और उद्यमशीलता का उपयोग किया जा सकता है। प्रो. हरिभजन सिंह चैहान, निदेशक, बिरला परिसर ने कृषि विस्तार एवं विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों तक नई तकनीकों, ज्ञान एवं नवाचारों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए मजबूत समन्वय आवश्यक है। कार्यक्रम में श्री सुभाष चंद्र नेगी, उपमहानिरीक्षक, सशस्त्र सीमा बल, श्रीनगर, डॉ. अजीत नेगी तथा डॉ. डी.के. राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अतिथि वक्ता एवं उद्यमी गोविंद सिंह धामी ने ग्रामीण उद्यमिता और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद, स्थानीय अनुभव तथा सामाजिक माध्यमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान भौगोलिक संकेतक प्राप्त उत्पादों, जैविक कृषि, जलवायु परिवर्तन, कृषि उत्पादों के भंडारण एवं प्रसंस्करण, सरकारी सहायता, किसान उद्यमिता तथा स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपने आसपास उपलब्ध प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों की पहचान करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को नवाचार आधारित व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी, संस्थागत सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कृषि-उद्यमिता एवं स्टार्टअप से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की तथा अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिभागियों का सम्मान एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का समापन सहयोग, नवाचार, उद्यमिता और ग्रामीण विकास के संदेश के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ने, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने तथा कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित कर किसानों, युवाओं और ग्रामीण समुदायों के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।




