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इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने देहरादून में प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में हुई प्रगति का प्रदर्शन किया

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने देहरादून में प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में हुई प्रगति का प्रदर्शन किया

Date/04/04/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। देश के मरीजों को उनके करीब ही अत्याधुनिक हेल्थकेयर प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली ने देहरादून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें प्लास्टिक, एस्थेटिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में हुई अत्याधुनिक प्रगति पर चर्चा की गई। डॉ. कुलदीप सिंह, सीनियर कंसल्टैंट-एस्थेटिक, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में प्लास्टिक सर्जरी के बढ़ते दायरे, विकसित होती हुई टेक्नोलॉजी और इस क्षेत्र में सुरक्षित एवं नैतिक विधियों के महत्व के बारे में बताया गया।

डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि, ‘‘आज प्लास्टिक सर्जरी का उपयोग केवल सौंदर्य बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर के फंक्शन, आत्मविश्वास और जीवन की क्वालिटी को वापस पाने के लिए भी होता है। आधुनिक तकनीकों और टेक्नोलॉजी की मदद से हम ज्यादा सटीक, सुरक्षित और प्राकृतिक दिखने वाले नतीजे देने में समर्थ बने हैं। इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में हम मरीज पर केंद्रित दृष्टिकोण का पालन करते हैं। हम हर सर्जरी मजबूत नैतिक मानकों, क्लिनिकल विशेषज्ञता और विस्तृत केयर के साथ करते हैं। हम मरीजों को विस्तृत व स्पष्ट जानकारी प्रदान करते हैं ताकि वो अपने इलाज के बारे में आत्मविश्वास के साथ निर्णय ले सकें।’’

प्लास्टिक सर्जरी की जागरुकता और उपलब्धता बढ़ती जा रही है और आज इसका उपयोग केवल कॉस्मेटिक उपचार तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि चोट, कैंसर की सर्जरी, जन्मजात विकारों और जलने के बाद रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डॉ. सिंह ने बताया कि मिनिमली इन्वेज़िव तकनीकों, माईक्रोसर्जरी और रिजनरेटिव प्रक्रियाओं में हुई प्रगति ने किस प्रकार इलाज के नतीजों को बेहतर बनाया है और रिकवरी टाईम में कमी लाई है।

उन्होंने योग्य और अनुभवी सर्जन के महत्व पर भी जोर दिया और बताया कि सफल नतीजों के लिए मरीज की सुरक्षा, नैतिक स्तर, और विश्वास के साथ निर्णय लेने की क्षमता बहुत महत्वपूर्ण होती है।

इस कॉन्फ्रेंस में भारत में रिकंस्ट्रक्टिव और एस्थेटिक प्रक्रियाओं की बढ़ती मांग के बारे में भी बताया गया, जिसमें जागरुकता, विकसित होती जीवनशैली और विशेषज्ञ केयर की बेहतर उपलब्धता से मदद मिल रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डॉ. सिंह ने सर्जनों के निरंतर प्रशिक्षण और कौशल विकास पर जोर दिया। इस तरह के कार्यक्रमों द्वारा इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स का उद्देश्य आधुनिक मेडिकल केयर की उपलब्धता बढ़ाना और देहरादून जैसे शहरों में विश्वस्तरीय केयर उपलब्ध कराना है।

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