Date/13/10/2026
Mussoorie/Uttarakhand prime 24×7
मसूरी। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के खिलाफ मसूरी में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सर्वे और कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण के सहायक अभियंता अजय मलिक ने स्पष्ट किया कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय का आदेश केवल मसूरी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मसूरी प्रेस क्लब की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में अजय मलिक ने बताया कि सर्वे के दौरान एक दिन में 71 निर्माण चिह्नित किए गए। इनमें से 51 निर्माण ऐसे पाए गए, जिनके खिलाफ पहले से ही कार्रवाई की प्रक्रिया विचाराधीन है, जबकि 20 निर्माणों के स्वीकृत मानचित्र मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। ऐसे निर्माणों के संबंध में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। इसी समस्या को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने संबंधित मामले में निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। नोटिस प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना पक्ष रखने, सुनवाई में शामिल होने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वे अभियान लंबे समय तक जारी रहेगा।
पुराने निर्माण और स्थानीय निवासियों के लिए नियम
अजय मलिक ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 से संबंधित प्रावधानों के तहत पात्र पुराने निर्माणों के मामलों में नियमानुसार मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए नगर पालिका क्षेत्र में 100 गज तथा पालिका सीमा से बाहर निर्धारित परिस्थितियों में 120 से 150 गज तक आवासीय निर्माण की व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था परिवार के विस्तार को ध्यान में रखते हुए की गई थी। इसके तहत भी मानचित्र स्वीकृत कराना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एकमुश्त निस्तारण की व्यवस्था के अंतर्गत भी अधिसूचित और गैर-अधिसूचित क्षेत्रों के नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। यदि कोई निर्माण गैर-अधिसूचित क्षेत्र में आता है, तो संबंधित व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों और स्थानीय निवास प्रमाणपत्र के साथ प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है। मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी। वन विभाग सहित संबंधित विभागों की अनापत्ति और अन्य आवश्यक स्वीकृतियां भी जरूरी हैं।
एक साल में 15 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य
मसूरी के बाहरी क्षेत्रों में विकास और सौंदर्यीकरण नहीं किए जाने की शिकायतों पर सहायक अभियंता ने कहा कि प्राधिकरण शहर के विभिन्न हिस्सों में विकास कार्य कर रहा है। मसूरी से अपेक्षाकृत कम आय होने के बावजूद पर्यटन नगरी के महत्व को देखते हुए लगातार काम कराए जा रहे हैं। उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में 15 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण जनता के धन से जनहित के कार्य करता है। होम स्टे के संबंध में उन्होंने कहा कि इनके संचालन के लिए निर्धारित नीति और मानकों का पालन आवश्यक है। मानक पूरे नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।