Date/31/10/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला एवं माननीय उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने सभी जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने के लिए सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान आपदा के कारण अवरुद्ध सड़कों की स्थिति की जनपदवार समीक्षा की गई। विनय रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आवागमन के लिए खोला जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बहाल करना प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता, राहत सामग्री की आपूर्ति और आमजन की आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति शीघ्र सुचारू की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन पेयजल योजनाओं की मरम्मत की जानी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षात्मक एवं पुनर्निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। जिन कार्यों के लिए शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त किया जाना आवश्यक है, उनके प्रस्ताव सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शीघ्र शासन को भेजने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावों के प्रेषण एवं स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो तथा स्वीकृति मिलने के बाद कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं।
बैठक में विभागवार आपदा से हुई क्षति एवं उसके सापेक्ष पुनर्बहाली कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित विभागों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का परीक्षण कर उन्हें तत्काल स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जाए, ताकि निर्माण कार्यों को बिना विलंब शुरू किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षति के आकलन, प्रस्ताव तैयार करने और स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में आपसी समन्वय बनाए रखें।