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अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा एक्शन, 100 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, कई बहुमंजिला निर्माण सील

सहसपुर, डालनवाला और पौंधा में एक साथ कार्रवाई, अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

Date/13/07/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीमों ने सहसपुर, पौंधा और डालनवाला क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही अवैध और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए कई निर्माणों को सील किया गया।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अवैध निर्माणों की निगरानी तेज

प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माणकर्ताओं एवं विकासकर्ताओं के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

सहसपुर में 100 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

प्राधिकरण की टीम ने अभिषेक बलूनी, दीपक सैनी एवं अन्य द्वारा नए हाईवे के निकट जाटोवाला, सहसपुर क्षेत्र में लगभग 100 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मौके पर बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के भूमि का अनधिकृत रूप से विकास कर प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग के लिए विकसित की गई सड़कों एवं अन्य निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

डालनवाला में दो अवैध निर्माण सील

डालनवाला क्षेत्र में कोरोनेशन अस्पताल के निकट अनुराधा सिंह एवं राजीव यादव द्वारा किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निर्माण को सील किया गया। इसी क्षेत्र में जगदीश एवं अन्य द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्रवाई की।

पौंधा में दो बहुमंजिला निर्माणों पर कार्रवाई

पौंधा क्षेत्र में भी प्राधिकरण द्वारा नियम विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। शुभम गोयल द्वारा फुलसैनी रोड, पौंधा में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए दो अलग-अलग बहुमंजिला निर्माणों को प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया।

एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद से पहले स्वीकृत ले-आउट, मानचित्र एवं संबंधित अनुमतियों की जांच अवश्य कर लें। अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों अथवा प्लॉटिंग में संपत्ति खरीदने से भविष्य में आर्थिक एवं कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न की गई। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहींः बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। अवैध प्लॉटिंग न केवल नियोजित विकास को प्रभावित करती है, बल्कि भविष्य में आम नागरिकों के लिए भी गंभीर समस्याएं पैदा करती है। उन्होंने कहा, “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों को ऐसे मामलों को चिह्नित कर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

प्राधिकरण की टीमें लगातार कर रही हैं निगरानीः मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की विभिन्न टीमों द्वारा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायतों के साथ-साथ प्राधिकरण स्तर पर चिह्नित किए जा रहे मामलों में भी नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।उन्होंने कहा संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध प्लॉटिंग अथवा निर्माण की जानकारी सामने आते ही नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिक किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और आवश्यक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें।

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