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अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा वार, कुल्हान और चन्द्रवनी में चार भवन सील

बिना स्वीकृत मानचित्र बन रहे फ्लैट और डुप्लैक्स भवनों पर कार्रवाई

Date/09/06/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्राधिकरण ने कुल्हान और चन्द्रवनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अवैध भवनों को सील कर दिया। इनमें फ्लैट और डुप्लैक्स भवन शामिल हैं, जिनका निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृतियों और नियमों के विपरीत किया जा रहा था। एमडीडीए की इस कार्रवाई को राजधानी में बढ़ते अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में माना जा रहा है।

शिकायतों और निरीक्षण के बाद चला प्राधिकरण का बुलडोजर

एमडीडीए को इन निर्माणों के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने क्षेत्रीय निरीक्षण किया, जिसमें कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कुल्हान में फ्लैट परियोजना पर कार्रवाई

प्राधिकरण की पहली कार्रवाई नागल हटनाल, कुल्हान क्षेत्र में की गई। यहां चिराग तलवार द्वारा दो बहुमंजिला भवनों को जोड़कर फ्लैट विकसित किए जा रहे थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद एमडीडीए की टीम ने दोनों भवनों में बनाए जा रहे फ्लैटों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और उनकी टीम मौजूद रही।

चन्द्रवनी में दो डुप्लैक्स भवनों पर लगा ताला

इसके बाद एमडीडीए की टीम ने चन्द्रवनी रोड स्थित द्वारिका पुरी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां सुभाष चैधरी द्वारा दो डुप्लैक्स भवनों का निर्माण कराया जा रहा था। जांच में निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। प्राधिकरण ने दोनों डुप्लैक्स भवनों को सील कर निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा तथा सुपरवाइजरों की टीम मौके पर मौजूद रही।

देहरादून में अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख

एमडीडीए का कहना है कि राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे भवन शहरी नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं और भविष्य में यातायात, पार्किंग, पेयजल, सीवरेज और आपदा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

नियमों का पालन नहीं किया तो होगी और सख्त कार्रवाई

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां और मानचित्र अनुमोदन लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे भवन निर्माण से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करें ताकि बाद में किसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। लगातार हो रही सीलिंग कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि राजधानी में अवैध निर्माणों को लेकर अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। एमडीडीए सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। प्राधिकरण का मानना है कि नियमानुसार विकास ही देहरादून के भविष्य को सुरक्षित और व्यवस्थित बना सकता है।

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