दलित युवाओं की सुरक्षा पर जवाब दे कांग्रेसः रेखा आर्य – Uttarakhand Prime 24X7

दलित युवाओं की सुरक्षा पर जवाब दे कांग्रेसः रेखा आर्य

Date/01/09/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस दलित सम्मान के नाम पर राजनीतिक माहौल बनाने में जुटी है, लेकिन उसे उन दलित युवाओं की सुरक्षा की चिंता नहीं है, जिन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद खुद को कथित धमकियों के कारण असुरक्षित महसूस किया और कानून का सहारा लिया।

रेखा आर्य ने कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड की पवित्र सामाजिक परंपराओं और मर्यादाओं को समझे बगैर छुआछूत जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देने में जुटे हैं। यहां की जागरूक जनता ऐसी विभाजनकारी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। कैबिनेट मंत्री ने सवाल उठाया कि हल्द्वानी की घटना पर राजनीति चमकाने में जुटे राहुल गांधी और कांग्रेस को यह जवाब देना चाहिए कि उनकी बयानबाजी के बाद खौफ में जी रहे और धमकियों का सामना कर रहे उन दलित युवाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि कांग्रेस वास्तव में दलित समाज की हितैषी है, तो उसे इन युवाओं की सुरक्षा पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। दलित सुरक्षा का विषय कांग्रेस के लिए केवल भाषणों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं होना चाहिए। रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड की सामाजिक समरसता को लेकर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। शुद्धिकरण कार्यक्रम का आयोजन एक स्वतंत्र सामाजिक संस्था द्वारा किया गया था, जिसने स्वयं भाजपा से अपने किसी भी संबंध से साफ इनकार किया है। इसके बावजूद बिना किसी तथ्य के इस घटना को भाजपा से जोड़ना कांग्रेस की घोर राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की निगाहें दलित मुद्दे पर हैं, लेकिन उसका असली निशाना अपनी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति को बचाना है। रामलीला मैदान में कथित तौर पर लगाए गए विवादित नारों पर कांग्रेस नेताओं की रहस्यमयी चुप्पी उनके दोहरे चरित्र को उजागर करती है। अपने राजनीतिक सवालों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस सनातन समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। कैबिनेट मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को दलित विरोधी बताने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देखना चाहिए। 1952-54 में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की चुनावी हार से लेकर 1990 में उन्हें भारत रत्न मिलने तक कांग्रेस बताए कि बाबासाहेब को उचित सम्मान देने में दशकों की देरी क्यों की गई? उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान की बात कर रहे हैं तो इस मुद्दे को राजनीतिक ध्रुवीकरण और भाजपा बनाम दलित समाज के संघर्ष में बदलना उचित नहीं है। किसी व्यक्ति के सम्मान का विषय गंभीरता से उठाया जाना चाहिए, लेकिन उसके बहाने पूरे समाज को राजनीतिक खांचों में बांटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

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