
देहरादून, uttrakhandprime24x7। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में ग्लोबल इनवेस्टर समिट के आयोजन हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय हेतु गठित समन्वय समिति की बैठक ली।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन तथा रोजगार सृजन के उद्देश्य से ‘उत्तराखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023’ माह दिसम्बर 2023 में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए समस्त सम्बंधित विभागों को प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड पर कार्य करना होगा।
बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेष बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक ए पी अंशुमान, विशेष आमंत्रित सदस्य पराग गुप्ता (सेवानिवृत आईएएस), सौजन्या, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक आशिष त्रिपाठी व मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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बीते शनिवार को विधायक सहदेव सिंह पुंडीर को विधायक प्रतिनिधि अनिल नौटियाल और पूर्व प्रधान भगत सिंह राठौर द्वारा शीशमबाड़ा प्लांट से गंदगी व दूषित पानी क्षेत्र की बस्ती समेत नहर में गिरने की समस्या बताई थी, जिसके बाद विधायक ने मौके पर जाकर प्लांट से निकल रही गंदगी को क्षेत्राीय बस्तियों की तरपफ जाते देखा था। विधायक ने पाया कि वास्तव में प्लांट की गंदगी और दूषित पानी नहर में गिरने से उसका पानी काले रंग का हो गया है। प्लांट के अंदर से निकलने वाली गंदगी एक तरफ से बस्ती क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर जाकर एकत्र हो रही है। इस दौरान विधायक ने प्लांट प्रबंधन को व्यवस्था में सुधार करने को भी कहा था। सोमवार को अधिकारियों के साथ एक बार पुनः भ्रमण कर विधायक ने प्लांट प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।
विधायक ने कहा क्षेत्र की जनता पहले से ही कूड़ा निस्तारण केंद्र से निकलने वाली बदबू से परेशान है। उसके बाद यह गंदे एवं दूषित पानी की समस्या बिल्कुल बर्दाश्त से बाहर है। यह गंदगी क्षेत्रीय जनता को बहुत बीमार कर सकती है जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। नहरों में फैली प्लांट की गंदगी के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान होगा।
उन्होंने प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर इस समस्या का निस्तारण करने को कहा। विधायक ने कहा यदि अगले सप्ताह तक प्लांट प्रबंधन दूषित गंदगी को प्लांट से बाहर न निकलने का प्रबंधन नहीं करता है और क्षेत्र में फैली गंदगी की सफाई नहीं करता है तो प्लांट को बंद कर उस पर ताला जड़ा जायेगा। कहा सिंचाई विभाग, तहसील प्रशासन, नगर पंचायत प्रशासन, पुलिस प्रशासन के माध्यम से भी प्रबंधन प्लांट को नोटिस दिया जायेगा। अगले सप्ताह वह जिलाधिकारी और नगर आयुक्त व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में पुनः क्षेत्र का दौरा करेंगे और प्रबंधन द्वारा समस्या निस्तारण हेतु किए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे।
इस दौरान एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अविनाश खन्ना, सेलाकुई अधिशासी अधिकारी एमएल शाह, सिंचाई खंड अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सहायक अभियंता लोकेंद्र सिंह, सेलाकुई थाना प्रभारी मोहन सिंह समेत विधायक प्रतिनिधि अनिल नौटियाल, पूर्व प्रधान भगत सिंह राठौर, सुखदेव फरस्वान आदि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।




