डीएम ने ली अतिवृष्टि से परिसम्पत्तियों को हुई क्षति के सम्बन्ध में आवश्यक बैठक – Uttarakhand Prime 24X7

डीएम ने ली अतिवृष्टि से परिसम्पत्तियों को हुई क्षति के सम्बन्ध में आवश्यक बैठक

हरिद्वार। जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट स्थित आपदा प्रबन्धन सभागार में बाढ़ध्अतिवृष्टि से हुई परिसम्पत्तियों की क्षति के सम्बन्ध में एक आवश्यक बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने बैठक में सर्वप्रथम अतिवृष्टि की वजह से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों तथा पुलों को हुये नुकसान के सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इस पर अधिशासी अभियन्ता सुरेश तोमर ने हरिद्वार, लक्सर, रूड़की डिवीजनों में लोक निर्माण विभाग की जो सड़कें तथा पुल अतिवृष्टि से प्रभावित हुये हैं, उनके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई जगह पुलों के एप्रोच रोड सहित जोरासी पुल, रोशनाबाद बिहारीगढ़ मार्ग पर आन्नेकी हेतमपुर ब्रज आदि को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि सड़कों तथा पुलों की मरम्मत आदि कार्य के लिये अलग-अलग क्षेत्रों में 15 जेसीबी लगातार कार्य कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद में जहां पर भी अतिवृष्टि से सड़कों तथा पुलों को जो नुकसान पहुंचा है, उन्हें युद्ध स्तर पर ठीक करना सुनिश्चित करें।

श्री धीराज सिंह गब्र्याल ने बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई जगह तटबन्ध टूटने की वजह से हुये नुकसान तथा वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस पर सिंचाई विभाग की अधिशासी अभियन्ता ने किन-किन स्थानों से नदी का पानी रिहायसी क्षेत्रों में पहुंचा, के सम्बन्ध में जानकारी दी तथा बताया कि सभी जगह तटबन्ध आदि की मरम्मत का कार्य चालू है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस कार्य में कहीं पर भी ढिलाई न बरती जाये।

जिलाधिकारी को बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी श्री मनीष दत्त ने बताया कि अतिवृष्टि से हुये जल भराव वाले क्षेत्रों पर हम लगातार नजर रखे हुये हैं तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिये विकासखण्डवार नोडल तथा सहायक नोडल अधिकारी नामित कर दिये गये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जल भराव वाले क्षेत्रों में कहीं पर भी कोई बीमारी-स्किन डिजीज, फंगल आदि न पनपने पाये, जिसके लिये दवायें, ब्लीचिंग पाउडर आदि की व्यवस्था कर ली गयी है तथा जहां पर भी कीटनाशक आदि के छिड़काव की आवश्यकता होगी, तुरन्त छिड़काव किया जायेगा। जिलाधिकारी ने पंचायती राज अधिकारी को भी निर्देशित किया कि वे इस सम्बन्ध में आपसी समन्वय स्थापित करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने ये भी निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखा जाये, जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्रों की भी मदद ली जाये। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि कावंड़ मेला सम्पन्नता की ओर है। इसलिये दिन-रात एक करते हुये साफ-सफाई की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। बैठक में वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्यामपुर के आसपास के गांवों में एनएच की रिटेनिंग वाॅल न होने की वजह से जल भराव हो जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को उनकी ओर से इस सम्बन्ध में एनएच को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये।

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