Date/01/11/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। समर वैली विद्यालय परिसर में 32वां वार्षिक स्थापना दिवस समारोह बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने ऐसा वातावरण बनाया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शांतनु बिष्ट, उद्योग मित्र के सदस्य, उपस्थित रहे। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन ने वातावरण को उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। ‘वक्त के पन्नों पर हमारी कहानी’ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने मनुष्य और समय के बीच के रिश्ते को सुंदरतापूर्वक दर्शाया। इस प्रस्तुति ने समय के प्रवाह के साथ जीवन के विकास को सजीव रूप में मंचित किया। ब्रह्मांड की उत्पत्ति से आरंभ होकर भारतीय विरासत एवं सांस्कृतिक धरोहर की झलक प्रस्तुत करते हुए यह यात्रा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के युग तक पहुँची। विभिन्न नृत्य कलाओं एवं मधुर संगीत ने कार्यक्रम की शोभा में चार चाँद लगा दिए। फ्लेमिंगो डांस, चाइनीज डांस, इन्वेंटर्स ड्रीम, रोबोटिक डांस तथा विभिन्न भारतीय शास्त्रीय नृत्यों में विद्यार्थियों ने भाग लिया और तन्मयता से मनमोहक कला की प्रस्तुति दी।
विद्यार्थियों के सहयोग से मंच को जीवंत करने के लिए विभिन्न प्रॉप्स का भी निर्माण किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए संगीत ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम मे समर वैली एवं सन वैली विद्यालय के लगभग 900 छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। आई.सी.एस.ई एवं आई.एस.सी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 11 विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही कक्षा दस एवं ग्यारह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कक्षा बारह के आठ विद्यार्थियों को उनके समर्पित योगदान के लिए प्रमाणपत्र और रोलिंग ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही 10, 15 एवं 20 वर्षों की दीर्घकालीन एवं समर्पित सेवाओं के लिए शिक्षकों एवं सहायक कर्मचारियों को भी विद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया। यह समारोह विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की अथक मेहनत, समर्पण तथा सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। इसने विद्यालय की परंपराओं और उपलब्धियों को दर्शाते हुए सभी के मन पर अमिट छाप छोड़ी।