रामलीला में गूंजे सौरभ मठाणी के गीत, लक्ष्मण शक्ति और मेघनाद वध ने मोहा मन – Uttarakhand Prime 24X7

रामलीला में गूंजे सौरभ मठाणी के गीत, लक्ष्मण शक्ति और मेघनाद वध ने मोहा मन

Date/19/10/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून की ओर से आयोजित उत्तराखंड की ऐतिहासिक भव्य रामलीला महोत्सव-2026 के आठवें दिन को ‘कामगार दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रामलीला में रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति और मेघनाद वध के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। आधुनिक लेजर और डिजिटल तकनीक से सजे दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कामगार दिवस के अवसर पर देहरादून की परिवहन व्यवस्था, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य जनसेवाओं से जुड़े कर्मयोगियों के योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया। ऑटो यूनियन, विक्रम यूनियन, स्कूल वैन एसोसिएशन और नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों की भूमिका को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन मेहनतकश लोगों के परिश्रम और सेवाभाव से शहर की दैनिक व्यवस्थाएं सुचारु रहती हैं। ऐसे में उनके योगदान का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में गढ़वाली फिल्मों के अभिनेता और लोकगायक सौरभ मठाणी की शानदार प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उनके लोकप्रिय गढ़वाली गीतों ने रामलीला मैदान में लोकसंगीत का रंग जमा दिया। दर्शक गीतों की धुन पर झूमते और नाचते नजर आए। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने माहौल को उत्साह और उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस तरह के भव्य सांस्कृतिक आयोजन समृद्ध परंपराओं को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को संस्कृति एवं धार्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को आधुनिक तकनीक के साथ भव्य स्वरूप में प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि समाज के निर्माण में योगदान देने वाले कामगारों, श्रमिकों और विभिन्न जनसेवी संगठनों का सम्मान किया जाना चाहिए। परिवहन, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य जनसेवाओं को सुचारु रखने वाले कर्मयोगियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनके परिश्रम और समर्पण को सम्मान देना सराहनीय पहल है।

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