Date/05/10/2026
रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। गल्ला मंडी में धरने के बाद जिलेभर से जुटे किसानों ने हाईवे की एक साइड जाम कर दी। किसानों का आरोप है कि धान की कटाई शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं और बड़ी मात्रा में फसल बाजार में पहुंच चुकी है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद व्यवस्था अब तक सुचारू नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें निजी व्यापारियों को कम कीमत पर धान बेचना पड़ रहा है। मौके पर पहुंचे सीओ विभव सैनी ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि 15 से 20 मिनट में प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो हाईवे की दूसरी साइड भी जाम कर दी जाएगी।
गल्ला मंडी रुद्रपुर में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान गल्ला मंडी में एकत्र हुए और सरकारी क्रय केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर धरना दिया। काफी देर तक प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनने और ज्ञापन लेने का इंतजार करने के बाद किसानों का आक्रोश बढ़ गया।
इसके बाद किसान मंडी से बाहर निकलकर हाईवे पर पहुंच गए और एक साइड पर बैठकर जाम लगा दिया। किसानों के सड़क पर बैठने से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में कई स्कूली बसें, ट्रक और अन्य वाहन फंस गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान सरकारी धान खरीद तत्काल शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे।
किसानों का कहना है कि जिले में धान की कटाई तेजी से चल रही है और करीब 50 प्रतिशत धान बाजार में पहुंच चुका है। इसके बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद व्यवस्था पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। किसानों के अनुसार कहीं पोर्टल में समस्या तो कहीं श्रमिकों की कमी का हवाला देकर खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में किसानों के सामने अपनी तैयार फसल बेचने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
किसानों का आरोप है कि मजबूरी में उन्हें निजी व्यापारियों को करीब 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान बेचना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी समर्थन मूल्य के मुकाबले कम कीमत मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसान पकी हुई फसल की कटाई को लेकर भी चिंतित हैं, क्योंकि सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें फसल बेचने के लिए उचित माध्यम नहीं मिल पा रहा है।
किसानों ने कहा कि पिछले कई दिनों से वे शांतिपूर्वक धरना देकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी या किसी अन्य प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लेने की मांग कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि उनकी मांग के बावजूद कोई प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इसी के विरोध में किसानों ने हाईवे जाम करने का निर्णय लिया।
किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 से 20 मिनट के भीतर कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत नहीं करता और धान खरीद शुरू कराने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता है तो हाईवे की दूसरी साइड भी जाम कर दी जाएगी। किसानों के इस ऐलान के बाद मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा।