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सीडीओ ने विकासनगर क्षेत्र के चार गांवों में दून बासमती की फसल का निरीक्षण किया

सीडीओ ने विकासनगर क्षेत्र के चार गांवों में दून बासमती की फसल का निरीक्षण किया

Date/04/10/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। दून बासमती के पुनर्जीवन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत विकासनगर क्षेत्र के खेतों में लहलहाती दून बासमती की फसल किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है। मुख्य विकास अधिकारी, अभिनव शाह, ने शनिवार को विकासनगर ब्लॉक के जस्सोवाला, ढकरानी, हरबर्टपुर और फतेहपुर ग्रांट गांवों का भ्रमण कर दून बासमती की फसल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने फसल की स्थिति, गुणवत्ता और उत्पादन की संभावनाओं का जायजा लेने के साथ ही किसानों से सीधे संवाद कर खेती में आ रही समस्याओं और उनकी अपेक्षाओं की जानकारी ली। मुख्य विकास अधिकारी ने फसल कटाई से लगभग एक माह पूर्व खेतों में पहुंचकर फसल की प्रगति का आकलन किया। इस दौरान किसानों ने जैविक खेती में आ रही चुनौतियों, गुणवत्तापूर्ण बीज की समय पर उपलब्धता, फसल बीमा के दावों के निस्तारण में देरी तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से अवगत कराया। सीडीओ ने कृषि विभाग को किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, गोष्ठियों और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी मिल सके।

जस्सोवाला गांव में आठ बीघा भूमि पर दून बासमती की खेती कर रहे किसान दिनेश गौड़ ने बताया कि इस किस्म की खेती में अपेक्षाकृत कम लागत आने से किसानों में इसके प्रति उत्साह बढ़ रहा है। उन्होंने दून बासमती का बेहतर मूल्य निर्धारित कर किसानों से खरीद सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें उपज का उचित लाभ मिल सके। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि दून बासमती के पुनर्जीवन के प्रयासों के तहत पिछले वर्ष 65 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती कराई गई थी। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) के माध्यम से किसानों से सीधे उपज की खरीद की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसी उत्साहजनक अनुभव को देखते हुए इस वर्ष दून बासमती की खेती का क्षेत्रफल बढ़ाकर 75 हेक्टेयर किया गया है।

उन्होंने बताया कि फसल कटाई से पूर्व स्थलीय निरीक्षण का उद्देश्य उत्पादन की स्थिति का आकलन करने के साथ ही किसानों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना है। रीप के माध्यम से दून बासमती की खरीद कर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ की मांग को पूरा करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को बाजार से जोड़ने और उनकी उपज के विपणन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

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