बारिश की धार और लुढ़कते पारे के बीच 44वें दिन भी गूंजे आंदोलन के स्वर
मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग की मांग को लेकर धरना जारी

Date/28/09/2026
Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। मोहनखाल-किणझाणी-चोपता (तुंगनाथ) मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर मोहनखाल में चल रहा आंदोलन मूसलाधार बारिश और गिरते तापमान के बीच 44वें दिन भी जारी रहा। पिछले 36 घंटों से क्षेत्र में लगातार बारिश के बावजूद आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मोटर मार्ग निर्माण की मांग बुलंद की। आंदोलनकारियों ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोहनखाल-किणझाणी-चोपता मोटर मार्ग को केवल गांवों को जोड़ने वाली सड़क के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है।
आंदोलनकारियों के अनुसार मार्ग बनने से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ, कार्तिक स्वामी, मोहनखाल, पोखरी, नागनाथ और वामनाथ सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों तक आवाजाही सुगम होगी। इससे दोनों जनपदों के बीच नया तीर्थाटन एवं पर्यटन सर्किट विकसित होने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए होम स्टे, होटल, ढाबा, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस परियोजना को सामान्य सड़क निर्माण के बजाय क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना के रूप में लेना चाहिए।
बारिश के बीच धरना स्थल पर पहुंचे आंदोलनकारियों ने संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मार्ग निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई और शासनादेश जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान ललित मोहन, रविन्द्र थपलियाल, ओमप्रकाश, सौरभ सिंह, राहुल सिंह, सूरज सिंह, गोविन्द सिंह, हरीश सिंह, विनय कुमार, वासुदेव सिंह नेगी, संतोष आगरी, गिरीश लाल, अम्बरीष, कल्पेश्वरानन्द थपलियाल, धर्मेन्द्र बिष्ट, आशीष थपलियाल, प्रकाश लाल, जगदीश, पुष्कर सिंह और रूपचन्द्र सिंह मौजूद रहे।




