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सैन्य धाम के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने किया धरना-प्रदर्शन

सैन्य धाम के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने किया धरना-प्रदर्शन

Date/21/09/2026

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देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग द्वारा आज सैन्यधाम के मुद्दे पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम से पूर्व कांग्रेस भवन में एकत्र होकर सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सैन्यधाम के लिए रवाना हुए। सैन्य धाम पहुंचकर सर्व प्रथम शहीदों एवं सैनिकों को नमन किया गया तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि सैन्यधाम शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि सैन्य धाम परियोजना की कुल लागत कितनी है? अब तक कितना खर्च हुआ? किसे कौन सा कार्य दिया गया? कितने संशोधन हुए? वर्तमान निर्माण प्रगति क्या है? और इसे कब तक पूरा किया जाना है? उन्होंने इन सभी विवरणों को सार्वजनिक करने तथा पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग की है। कर्नल नेगी ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के सैन्य धाम से चुनावी लाभ लेने संबंधी बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस पर उपस्थित पूर्व सैनिकों एवं कार्यकर्ताओं ने मंत्री गणेश जोशी के त्यागपत्र की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इस बयान की कांग्रेस द्वारा पहले भी सार्वजनिक रूप से आलोचना की गई है।

इस अवसर पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने मंत्री गणेश जोशी से जुड़े विभिन्न विभागीय एवं राजनीतिक मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सरकार को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने उद्यान विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों, मसूरी विधानसभा क्षेत्र में जंगलों के कटान एवं पर्यावरणीय क्षति, नियमों के विपरीत भूमि दिए जाने के आरोपों तथा रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के साथ हुए अन्याय का मुद्दा उठाया और सरकार से जवाबदेही की मांग की। जबकि अधिवक्ता एवं कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता पंकज क्षेत्री ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले तथा न्यायालय की कार्यवाही से संबंधित उनके सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय से जुड़े मामलों में सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया और संस्थाओं के प्रति मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा है और हाल में इसे नई पीठ के गठन के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजे जाने की रिपोर्ट सामने आई है। धरने के दौरान “सैन्यधाम का हिसाब दो” के तहत सरकार के सामने प्रमुख सवाल रखे गए कि सैन्य धाम के निर्माण की स्वीकृत लागत कितनी है?अब तक कितना खर्च हुआ? लागत में कितनी बार संशोधन हुआ? किस एजेंसी को कौन सा कार्य मिला? अब तक कितना कार्य पूरा हुआ और शेष कार्य कब तक पूरा होगा? धरना स्थल पर एक खाली कुर्सी रखकर उस पर “जवाबदेह सरकार के प्रतिनिधि के लिए” लिखा गया और संबंधित अधिकारी को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। दोनों प्रस्तावों तथा प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारी को सौंपने के लिए उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में सैन्य धाम की परियोजना लागत, व्यय, निविदाओं, कार्यादेशों, संशोधनों, वर्तमान प्रगति और समयसीमा को सार्वजनिक करने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग वाला प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। अंत में पूर्व सैनिकों एवं उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “सैन्यधाम में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराओ।

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