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अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त

सेक्टरवार टीमों के जरिए लगातार कार्रवाई, विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, रायपुर और डोईवाला में विशेष अभियान

Date/15/09/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों का गठन किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों और प्लॉटिंग से संबंधित मामलों की लगातार निगरानी कर रही हैं। वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण की कार्रवाई केवल छोटे स्तर के निर्माणों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बड़ी इमारतों और व्यावसायिक निर्माणों के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। विकासनगर, ऋषिकेश, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। एमडीडीए का स्पष्ट प्रयास है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के विपरीत होने वाले निर्माण एवं प्लॉटिंग पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

झाझरा में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई

इसी क्रम में प्राधिकरण द्वारा चरनपाल आदि के स्थल नन्दा एन्कलेव, सैनिक कॉलोनी, एलपी विलाश के सामने, झाझरा, देहरादून में कार्रवाई की गई। यहां करीब पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन करते हुए प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण किए जाने के दौरान मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया। प्राधिकरण स्तर से नियमानुसार मामले में वाद दायर किया गया। जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद स्थल पर की जा रही समस्त अनधिकृत प्लॉटिंग को एमडीडीए द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि बिना स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए की जा रही प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

सेक्टरवार निगरानी से तेज हुई कार्रवाई

एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों को सक्रिय किया गया है। इन टीमों द्वारा संबंधित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के साथ ही बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और प्लॉटिंग की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करना भी है। एमडीडीए ने आम लोगों से अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड और ले-आउट की वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।

नियमों के उल्लंघन पर नहीं होगी ढिलाई

एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक गतिविधियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण की टीमों को ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित एवं व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना है, ताकि अनियोजित प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के कारण भविष्य में यातायात, जल निकासी, सड़क, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न न हों।

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