
Date/13/09/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। यमुना कॉलोनी स्थित एकता भवन में उत्तराखंड उपनल कर्मचारी महासंघ की कार्यकारिणी की देखरेख में पंचायती राज विभाग में कार्यरत सहायक अभियंताओं एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायती राज उपनल कर्मचारी संगठन की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन की मजबूती कर्मचारियों की एकजुटता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग में कार्यरत उपनल कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा तथा महासंघ हर स्तर पर कर्मचारियों के हितों की मजबूती से पैरवी करेगा। उन्होंने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से संगठन को मजबूत करने और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया।
ये पदाधिकारी हुए निर्वाचित
बैठक में प्रदीप सिंह रावत को अध्यक्ष, आशुतोष सती को महासचिव, भीम सिंह पवार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, धीरेंद्र चैहान को उपाध्यक्ष, सचिन रजत चैहान को पदाधिकारी, पर्वेंद्र राणा को संरक्षक, शेखर चैधरी को कोषाध्यक्ष तथा रवि नौटियाल को संगठन मंत्री निर्वाचित किया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाएगा और कर्मचारियों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाकर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में महासंघ के प्रदेश महामंत्री विनय प्रसाद, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मीना रौथान, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप चैहान, संगठन मंत्री अजय डबराल, हरिद्वार जिला अध्यक्ष योगेश बडोनी, देहरादून जिला अध्यक्ष गणेश गोदियाल, देहरादून महामंत्री रमेश डोभाल, अजय देव, सागर ध्यानी, डीके धनपुरी सहित महासंघ एवं कर्मचारी संगठन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
महासंघ ने दिया एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विभागवार कर्मचारी संगठनों का गठन महासंघ को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा। नई कार्यकारिणी कर्मचारियों और महासंघ के बीच सेतु का काम करते हुए समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का कार्य करेगी। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और भविष्य में कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।




