इंजीनियरिंग छोड़ पहाड़ में स्वरोजगार की अलख जगाने वाली हर्षिता सुयाल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित – Uttarakhand Prime 24X7

इंजीनियरिंग छोड़ पहाड़ में स्वरोजगार की अलख जगाने वाली हर्षिता सुयाल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

Date/22/08/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून/जागेश्वर। पहाड़ में स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने वाली जनपद अल्मोड़ा के धौलादेवी विकासखंड की उद्यमी हर्षिता सुयाल बिष्ट को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया है। देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चैपाल-2026’ कार्यक्रम में उन्हें उद्यमशीलता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर यह सम्मान प्रदान किया गया।

घ्इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ चुनी स्वरोजगार की राह

हर्षिता सुयाल ने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। शहरों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों या निजी क्षेत्र में नौकरी करने के बजाय उन्होंने अपने गृह क्षेत्र लौटकर रिवर्स माइग्रेशन (पहाड़ वापसी) का रास्ता चुना। उनका मुख्य उद्देश्य केवल खुद के लिए आजीविका जुटाना नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोकना और स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के साधन विकसित करना था।

घ्‘जय मां कालिका’ समूह से बदली महिलाओं की तकदीर

धौलादेवी में हर्षिता के नेतृत्व में संचालित ‘जय मां कालिका स्वयं सहायता समूह’ के माध्यम से उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपन कला, स्थानीय जैविक उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा रहा है। समूह द्वारा तैयार उत्पादों को विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों और मेलों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जुड़ी दर्जनों ग्रामीण महिलाएं नियमित आय अर्जित कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं। साथ ही भुला भुली ग्रुप के माध्यम से महिलाओं एवं हस्तशिल्पियों को सशक्त करने का कार्य किया।

घ्सम्मान पहाड़ की संघर्षशील मातृशक्ति को समर्पित

सम्मान मिलने के बाद हर्षिता सुयाल बिष्ट ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पहाड़ की हर उस महिला के संघर्ष और परिश्रम का है जो गांव में रहकर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और पलायन रोकथाम के संकल्प तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रोत्साहन से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को नई गति मिल रही है। उन्होंने इस सफलता के लिए जिला प्रशासन, ग्राम्य विकास विभाग और अपनी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।

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