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मतदाता सुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करेंः गढ़वाल आयुक्त

बीएलओ अनावश्यक दस्तावेज न मांगें, प्रत्येक सुनवाई का तत्काल बीएलओ एप और ईआरओ नेट पर करें अपडेट

Date/07/08/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशों के अनुपालन में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गढ़वाल आयुक्त एवं रोल ऑब्जर्वर आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र राजपुर रोड (अ.जा.) एवं मसूरी के विभिन्न मतदेय स्थलों एवं सुनवाई शिविरों का औचक निरीक्षण कर मतदाताओं को जारी नोटिसों के निस्तारण एवं सुनवाई प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा आयोग द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही सुनवाई सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एनपी देवली तथा संबंधित निर्वाचन कार्मिक उपस्थित रहे। आयुक्त ने विधानसभा क्षेत्र राजपुर रोड (अ.जा.) के मतदेय स्थल संख्या-84 डीएवी इंटर कॉलेज, करनपुर, मतदेय स्थल संख्या-109 सेंट थॉमस कॉलेज क्रॉस रोड तथा विधानसभा मसूरी के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, डोभालवाला स्थित दो मतेय स्थलों पर आयोजित सुनवाई शिविरों का निरीक्षण किया।

गढ़वाल आयुक्त ने सुनवाई के लिए पहुंचे मतदाताओं से सीधे संवाद कर यह जानकारी प्राप्त की कि बीएलओ द्वारा उनसे किस प्रकार के अभिलेख मांगे जा रहे हैं। इस दौरान बीएलओ ने अवगत कराया कि अनमैप्ड वोटर्स श्रेणी के मतदाताओं से वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा है। यदि उक्त विवरण उपलब्ध नहीं है, तो आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। वहीं एनोमली (विसंगति) श्रेणी के मतदाताओं से नाम अथवा संबंधी के नाम में सूक्ष्म त्रुटि होने की स्थिति में किसी एक मान्य दस्तावेज के आधार पर सुनवाई की जा रही है।

आयुक्त ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि सुनवाई कक्ष में आयोग द्वारा निर्धारित सभी मान्य दस्तावेजों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मतदाताओं को आवश्यक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों एवं बीएलओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की अनावश्यक मांग न की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की सुनवाई निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता के साथ अनावश्यक असुविधा या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। गढ़वाल आयुक्त ने एईआरओ द्वारा की जा रही सुनवाई प्रक्रिया तथा ईआरओ नेट पर अपलोड की जा रही रिपोर्ट की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जैसे-जैसे नोटिसों की सुनवाई पूर्ण होती जाए, उसकी प्रविष्टि तत्काल बीएलओ एप एवं ईआरओ नेट पर की जाए, ताकि प्रगति का वास्तविक एवं अद्यतन विवरण उपलब्ध रहे तथा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता बनी रहे।

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