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उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

राज्य ने उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हासिल की उपलब्धि

Date/04/08/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। उत्तराखण्ड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ की ऐतिहासिक उपलब्धि पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राज्य सरकार को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्रदेश की सामूहिक प्रतिबद्धता, दूरदर्शी नेतृत्व और शिक्षा के प्रति जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित बधाई संदेश में कहा कि दुर्गम एवं विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखण्ड ने उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) के अंतर्गत निर्धारित समय से पूर्व ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ का दर्जा प्राप्त कर पूरे देश के लिए प्रेरणादायी मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रभावी नेतृत्व, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों तथा प्रदेशवासियों के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने वयस्क साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक दर्ज कर निर्धारित 95 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक से अधिक बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी अनुकरणीय है।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) वयस्क शिक्षार्थियों को आधारभूत साक्षरता, जीवनोपयोगी कौशल, डिजिटल साक्षरता एवं निरंतर सीखने के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से बालवाटिका से लेकर कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं नवाचार आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत का कहना है कि उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ की उपलब्धि पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा दी गई बधाई हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। हमारा लक्ष्य केवल साक्षरता तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने के अवसर उपलब्ध कराकर उत्तराखण्ड को ज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है।

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