Rudraprayagउत्तराखंड

पैदल मार्ग पर बोल्डर गिरने से केदारनाथ यात्रा पर ब्रेक

सुरक्षा के चलते गौरीकुंड से वापस लौटाए जा रहे श्रद्धालु

Date/17/07/2026

Rudraprayag/ Uttarakhand prime 24×7 

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा पर बारिश का बड़ा असर पड़ा है। कई स्थानों पर भारी भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने एहतियातन यात्रा अस्थायी रूप से रोकी है। पहाड़ से गिर रहे बोल्डरों के खतरे को देखते हुए गौरीकुंड से श्रद्धालु लौटाए जा रहे हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर बड़ा असर डाला है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग कई स्थानों पर भारी भूस्खलन और मलबा आने से काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है और गौरीकुंड गेट से ही श्रद्धालुओं को वापस लौटाया जा रहा है। अगले आदेश तक किसी भी यात्री को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग के कई हिस्सों में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं, जिससे किसी भी समय भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन, पुलिस, डीडीआरएफ तथा अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर लगातार निगरानी कर रही हैं। क्षतिग्रस्त मार्ग को सुरक्षित एवं सुचारू बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक केदारनाथ यात्रा के लिए प्रस्थान न करें। यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पैदल मार्ग का सुरक्षा परीक्षण पूरा होने तथा पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही, यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने भी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि श्रद्धालु मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें। अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। लगातार वर्षा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है, इसलिए अनावश्यक यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जब तक पैदल मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक केदारनाथ धाम के लिए यात्रियों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी। यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करने की अपील की गई है।

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