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देहरादून महायोजना-2041ः सातवें दिन जीआरडी यूनिवर्सिटी में उमड़ी जनभागीदारी

नागरिकों ने रखे भविष्य के दून की विकास रूपरेखा से जुड़े सुझाव

Date/14/07/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। राजधानी देहरादून के सुनियोजित, संतुलित और भविष्य उन्मुख विकास के लिए तैयार की जा रही देहरादून महायोजना-2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित जनसुनवाई एवं जनसंवाद अभियान के सातवें दिन भी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। मंगलवार को जीआरडी यूनिवर्सिटी, राजपुर रोड में आयोजित जनसुनवाई शिविर में संबंधित क्षेत्र के नागरिकों, संस्थाओं, भू-स्वामियों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। शिविर के दौरान लोगों ने देहरादून के भविष्य के विकास को लेकर सड़क संपर्क, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, पर्यावरण संरक्षण, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, संस्थागत विकास और शहरीकरण की चुनौतियों जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। एमडीडीए के अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से सुनते हुए उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया।

महायोजना को जनआकांक्षाओं के अनुरूप बनाने की पहल

जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग परिवर्तन का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आने वाले वर्षों में राजधानी की विकास दिशा तय करने वाली व्यापक योजना है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, औद्योगिक और हरित क्षेत्रों के संतुलित विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का समावेश किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि शहर की बदलती जरूरतों और तेजी से बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए महायोजना तैयार की जा रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर से प्राप्त सुझाव योजना को अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए प्रत्येक सेक्टर में जाकर नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया जा रहा है।

राजपुर रोड क्षेत्र के लोगों ने उठाए स्थानीय मुद्दे

जनसुनवाई शिविर में शामिल नागरिकों ने राजपुर रोड और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, पार्किंग की कमी, अनियोजित विकास, जलभराव, सड़क सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। कई लोगों ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग विकसित करने तथा हरित क्षेत्रों को संरक्षित रखने के सुझाव दिए। इसके अलावा भू-स्वामियों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने भूमि उपयोग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराए। एमडीडीए की तकनीकी टीम ने सभी बिंदुओं को रिकॉर्ड करते हुए बताया कि प्रत्येक सुझाव का विशेषज्ञ स्तर पर परीक्षण किया जाएगा।

21 जुलाई तक जारी रहेगा जनसंवाद अभियान

एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से शुरू किया गया यह विशेष जनसुनवाई अभियान 21 जुलाई तक शहर के विभिन्न सेक्टरों में जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को योजना निर्माण प्रक्रिया का सहभागी बनाना है, ताकि भविष्य का देहरादून केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि जन अपेक्षाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित हो सके। प्राधिकरण ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों, संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और भू-स्वामियों से अधिक से अधिक संख्या में जनसुनवाई शिविरों में पहुंचकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सहभागिता से तैयार होने वाली महायोजना शहर के सतत और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनेगी।

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