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अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, दो भवन सील

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, दो भवन सील

Date/06/06/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। राजधानी देहरादून में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने तुन्तोवाला और मेहुवाला माफी क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे दो अवैध निर्माणों को सील कर दिया। इनमें एक बहुमंजिला भवन भी शामिल है। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राजधानी में सुनियोजित शहरी विकास को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत लगातार निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है जो बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत बनाए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने शुक्रवार को तुन्तोवाला स्थित मोनाल इन्क्लेव और मेहुवाला माफी के चन्द्रताल क्षेत्र में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्थानों पर निर्माण गतिविधियां प्राधिकरण की अनुमति के बिना संचालित होती पाई गईं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोनों निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। पहले मामले में अनुप चैहान एवं मुन्नी गीता द्वारा मोनाल इन्क्लेव के निकट तुन्तोवाला, मेहुवाला माफी क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण को अवैध पाया गया। जांच में सामने आया कि निर्माण कार्य के लिए प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया।

वहीं दूसरी कार्रवाई में राजीव जैन द्वारा मेहुवाला माफी स्थित चन्द्रताल क्षेत्र के निकट बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को सील किया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार भवन निर्माण निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके चलते विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए भवन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। शुक्रवार को की गई कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, प्राधिकरण के सुपरवाइजर तथा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं और दोनों निर्माणों को सील किया।

शहर में बढ़ते अनियोजित निर्माणों को लेकर एमडीडीए लगातार सतर्कता बरत रहा है। एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि बिना योजना के किए गए निर्माण न केवल मास्टर प्लान को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में यातायात व्यवस्था, पार्किंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। ऐसे निर्माण कई बार आपदा और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को भी बढ़ा देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने अपने निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है। विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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