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केदारनाथ पैदल मार्ग पर हुड़दंगियों पर रुद्रप्रयाग पुलिस का बड़ा एक्शन

लिंचोली क्षेत्र में वायरल मारपीट वीडियो का लिया संज्ञान

Date/29/05/2026

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान पैदल मार्ग पर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ रुद्रप्रयाग पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। लिंचोली क्षेत्र में वायरल हुए मारपीट के वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 घोड़ा-खच्चर संचालकों को हिरासत में लिया है। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के अश्व संचालन लाइसेंस निरस्त करने के लिए िरिपोर्ट भी संबंधित विभाग को भेज दी गई है।

रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ यात्रा को हर हाल में सुरक्षित, व्यवस्थित और भयमुक्त बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। अब तक लगभग 9.5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं और यात्रा सुचारू रूप से जारी है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर मारपीट, हुड़दंग और अराजक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दरअसल, बीती 23 मई 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें 4 से 5 लोग लाठी-डंडों के साथ आपस में मारपीट करते दिखाई दे रहे थे। बताया गया कि यह घटना केदारनाथ पैदल मार्ग के लिंचोली क्षेत्र की है। वायरल वीडियो से यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कोतवाली सोनप्रयाग तथा पैदल यात्रा मार्ग की सभी चैकियों को आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। चैकी प्रभारी गौरीकुण्ड द्वारा लगातार पूछताछ, वीडियो विश्लेषण और चिन्हीकरण के आधार पर गौरीकुण्ड घोड़ा पड़ाव क्षेत्र से 5 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि घोड़ों के आपस में टकराने और लेन-देन के विवाद को लेकर कहासुनी हुई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस के अनुसार इस घटना से यात्रा मार्ग की शांति भंग हुई और श्रद्धालुओं में भय का माहौल उत्पन्न हुआ।

गौरीकुण्ड पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत शांति भंग की कार्यवाही की है। साथ ही जिन लोगों ने इन व्यक्तियों को अपने यहां कार्य पर रखा था, उन्हें भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को बिना पुलिस सत्यापन के रोजगार न दिया जाए।

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