आंख में धूल झोंकने की कवायद है बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति, प्रदेश सरकार करे उच्चस्तरीय जांच  – Uttarakhand Prime 24X7

आंख में धूल झोंकने की कवायद है बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति, प्रदेश सरकार करे उच्चस्तरीय जांच 

Date/28/05/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा केदारनाथ धाम में वीआईपी मेहमानों पर मंदिर कोष से खर्च मामले में गठित जांच समिति को जनता की आंख में धूल झोंकने की कवायद बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बीकेटीसी में व्याप्त गड़बड़ियों के लिए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करने मांग की है। गौरतलब है कि अधिवक्ता नेगी द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद से बीकेटीसी लगातार चर्चाओं में है। मीडियाकर्मियों द्वारा जांच समिति के बावत प्रतिक्रिया पूछे जाने पर नेगी ने आज कहा कि सोशल मीडिया पर तमाम सवाल उठने के बाद बीकेटीसी ने अपनी छीछालेदर से बचने के लिए जांच समिति गठित की है।

उन्होंने बीकेटीसी द्वारा गठित जांच समिति को औचित्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि सूचना अधिकार में केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित को ग्यारह लाख रुपये की धनराशि जारी करने की बात भी सामने आई है। इससे संबंधित पत्रावली को मंदिर समिति के वित्त अधिकारी को बायपास कर सीधे अध्यक्ष द्विवेदी द्वारा अनुमोदित किया गया है। इतनी बड़ी धनराशि तीर्थ पुरोहितों को बांटना मंदिर कोष का दुरूपयोग है। सामाजिक कार्यकर्त्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कपरवान द्वारा अपनी पत्नी को अपना चपरासी दिखा कर बारह हजार रुपए प्रतिमाह भुगतान लिया जा रहा है। इसके अलावा कपरवान रुद्रप्रयाग में आवास व कार्यालय भत्ते के रूप में पच्चीस हजार रुपये प्रतिमाह ले रहे हैं। जबकि उपाध्यक्ष के लिए राजधानी देहरादून में कार्यालय आवंटित है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीकेटीसी अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति इन प्रकरणों की भी जांच करेगी..? उन्होंने अध्यक्ष द्विवेदी की जाँच समिति को अर्थहीन बताया और कहा कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के विरुद्ध लगे आरोपों पर कौन जांच करेगा ? उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार वास्तव में बदरीनाथ व केदारनाथ जैसे धामों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर है तो उसे उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करनी चाहिए।

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