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वर्दी के नशे में चूर गार्ड्स ने पत्रकार के साथ की बदसलूकी ; दून अस्पताल प्रशासन में हड़कंप, अब कमेटी करेगी ‘हिसाब’!

चौकीदार बने हमलावर! दून अस्पताल में मीडिया पर हमले से आक्रोश, प्राचार्य बोलीं- 'बख्शे नहीं जाएंगे दोषी'।

Date 04/05/26

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दून अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों की गुंडागर्दी: पत्रकारों पर हाथ उठाया तो भड़का AISNA, प्राचार्य ने बैठाई जांच!

वर्दी के नशे में चूर गार्ड्स ने पत्रकार  के साथ की  बदसलूकी; दून अस्पताल प्रशासन में हड़कंप, अब कमेटी करेगी ‘हिसाब’!

चौकीदार बने हमलावर! दून अस्पताल में मीडिया पर हमले से आक्रोश, प्राचार्य बोलीं- ‘बख्शे नहीं जाएंगे दोषी’।

*दून अस्पताल में गार्ड द्वारा पत्रकारों पर हमले/बदसलूकी: AISNA के आक्रोश के बाद जागी प्राचार्य, जांच कमेटी गठित*

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की ओटी इमरजेंसी में तैनात सुरक्षा गार्ड्स द्वारा पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता और मारपीट के मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। ‘ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन’ (AISNA) के कड़े विरोध के बाद दून अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है। सोमवार को पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही दोषियों पर गिरेगी गाज: प्राचार्य का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि अस्पताल परिसर में इस तरह की अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा:”इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी बिठा दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाएगी और जल्द ही दोषियों के खिलाफ ठोस दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

सुरक्षाकर्मियों पर ‘नशे’ में मारपीट का आरोप।

गौरतलब है कि शनिवार रात AISNA के प्रदेश महासचिव सोमपाल सिंह के साथ अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उस वक्त मारपीट की, जब वे एक मरीज की मदद के लिए इमरजेंसी पहुंचे थे। पत्रकारों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मी नशे की हालत में थे और उन्होंने जानबूझकर पार्किंग को लेकर विवाद पैदा किया। इस घटना के बाद से ही राजधानी के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है।

इस दौरान AISNA उत्तराखंड इकाई

प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई या दोषी सुरक्षाकर्मियों को बचाया गया, तो पत्रकार संगठन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। पत्रकारों ने मांग की है कि सुरक्षा एजेंसी ‘उपनल’ को भी इस लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।

इस दौरान प्रदेश महासचिव सोमपाल सिंह, कोषाध्यक्ष धीरज पाल सिंह, अफरोज खान, बसंत पंत, नीरज पाल, सोनू उनियाल, अमित गोदियाल और संगठन के कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर हमला करने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

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