मांगें न मानी गईं तो महासंघ करेगा उग्र होगा आंदोलन
डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ का कार्य बहिष्कार जारी

Date/29/03/2026
Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वर्तमान कार्य बहिष्कार आंदोलन का रूप ले सकता है। महासंघ के पदाधिकारी और कर्मचारी पिछले चार दिनों से कार्य बहिष्कार पर हैं, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
महासंघ के गुप्तकाशी शाखा अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगति दूर करने, 1 जनवरी 2014 के बाद नियुक्त जेई को 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर प्रथम एसीपी में 5400 ग्रेड पे देने, पुरानी पेंशन बहाली, सहायक अभियंताओं को वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार बढ़ाने सहित कुल 27 मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी मांगें न्यायोचित हैं, लेकिन सरकार का रवैया अब तक उदासीन बना हुआ है।
कार्य बहिष्कार के चलते विभागों में प्रशासनिक और बिलिंग कार्य पूरी तरह बाधित हो गए हैं। स्थिति यह है कि फील्ड निरीक्षण न होने के कारण ठेकेदारों के भुगतान समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं और कार्यों में बार-बार रुकावट आ रही है। गौरतलब है कि गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आगामी चार सप्ताह बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं, ऐसे में कार्य बहिष्कार का सीधा असर यात्रा तैयारियों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र वार्ता कर समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




