
Date/06/03/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। देहरादून शहर की हरियाली और सौन्दर्यीकरण को बनाए रखने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच सहस्त्रधारा रोड पर डिवाइडर में लगाए गए फूलों को उखाड़ने की घटना सामने आई है। निरीक्षण के दौरान सामने आई इस घटना को प्राधिकरण ने गंभीरता से लेते हुए इसे शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्ति के साथ खिलवाड़ करार दिया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और डिवाइडरों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तथा सजावटी फूल-पौधों का रोपण कराया जा रहा है। शहर को स्वच्छ, हरित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सहस्त्रधारा रोड, राजपुर रोड समेत अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के डिवाइडरों को रंग-बिरंगे मौसमी फूलों और सजावटी पौधों से सजाया गया है। इस पहल से शहर की सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राहगीरों को भी एक सुखद वातावरण मिल रहा है।
एमडीडीए की टीम द्वारा इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में सहस्त्रधारा रोड पर किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि डिवाइडर पर लगाए गए कई फूलों और पौधों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़ दिया गया है। प्राधिकरण की टीम ने मौके की तस्वीरें भी संकलित की हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि लगाए गए पौधों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार इस प्रकार की घटनाएं न केवल शहर की हरियाली और सौन्दर्यीकरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों से किए जा रहे विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। सार्वजनिक धन से किए गए इन प्रयासों को नुकसान पहुंचाना एक गंभीर मामला है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि शहर की सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और निगरानी को भी और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




