केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन के आंकड़े प्रस्तुत किए
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन के आंकड़े प्रस्तुत किए

Date/01/03/2026
Mussoorie/ Uttarakhand prime 24×7
मसूरी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मसूरी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कृषि व बागवानी हमारे देश के लिए व जनता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 140 देश वासियों को फल, सब्जी व अनाज मिले पोषण युक्त अनाज मिले व किसान जिनके पास छोटी छोटी जोत है उनके विकास के लिए केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्ग दर्शन में कार्य किया जा रहा है। उन्हांने बताया कि देश में पहली बार मसूरी से खाद्यान के आंकडो को देश के सामने रखा जा रहा है जिसमें खरीफ का उत्पादन वर्ष 2025/26 में 174.44लाख मीट्रिक टन व रवि में 1745.13लाख मीट्रिक टन,जबकि वर्ष 24/25 में रवि में 169.6 लाख मीट्रिक टन व रवि में 169.03 लाख मीट्रिक टन था एक साल में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 40 लाख मीट्रिक टन खरीफ व रवि में 53 लाख मीट्रिक टन उत्पादन बढा है।
केंद्रीय मंत्री ने देश में पहली बार खाद्यान के आंकडे़ जारी करते हुए कहा कि चीन चावल में पहले नंबर एक था अब भारत ने उसे पछाड कर पहला स्थान हासिल किया है जिसमें खरीफ चावल का उत्पादन 1229.28लाख मीट्रिक टन, गेहूं का उत्पादन 1202.10लाख मीट्रिक टन, पोषक अनाजों में श्रीअन्न खरीफ में 123.43 लाख मीट्रिक टन, रवि में 30.98 लाख मीट्रिक टन, मोटे अनाज खरीफ में 425.89 लाख मीट्रिक टन, व रवि में 213.41लाख मीट्रिक टन, दलहन में तुअर 34.55 लाख मीट्रिक टन, चना 117.92 लाख मीट्रिक टन, मसूर 17.34 लाख मीट्रिक टन, तिलहन मे 260.33 लाख मीट्रिक टन, रवि में 144.65 लाख मीट्रिक टन, मूंगफली 112.94 लाख मीट्रिक टन, सोयाबीन 127.20 लाख मीट्रिक टन, व सरसों 133.31 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और बागवानी को मज़बूत करने के लिए लगातार सुधार और निवेश किए हैं। इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि आज देश में बागवानी का क्षेत्र भी बढ़ा है और उत्पादन भी, और किसान फलों, सब्ज़ियों, मसालों, फूलों व औषधीय फसलों से बेहतर आमदनी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने देश में पहली बार खाद्यन्न के आंकड़ों के बारे में बताया कि 2024-25 के फाइनल अनुमान के अनुसार, देश का कुल बागवानी उत्पादन लगभग 3707.38 लाख टन रहा, जो 2023-24 के मुकाबले करीब 4.51प्रतिशत अधिक है, जबकि बागवानी क्षेत्रफल बढ़कर लगभग 301.36 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो 3.61प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2025-26 के प्रथम अग्रिम अनुमान में भी कुल बागवानी उत्पादन लगभग 3708.46 लाख टन और क्षेत्रफल 301.31 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है, जो इस क्षेत्र में स्थिरता और सतत वृद्धि का संकेत देता है। फलों का उत्पादन 2024-25 में 4.13प्रतिशत बढ़कर लगभग 1176.49 लाख टन और क्षेत्र 2.20प्रतिशत बढ़कर 72.88 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है; केले का उत्पादन लगभग 383.22 लाख टन और आम का उत्पादन लगभग 231.43 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि 2025-26 में भी फलों के उत्पादन में लगभग 0.88 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। सब्ज़ियों का उत्पादन 2023-24 के 2072.08 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में लगभग 2177.97 लाख टन होने का अनुमान है; प्याज, आलू, हरी मिर्च, फूलगोभी और भिंडी जैसी फसलों में अच्छी बढ़ोतरी रही है, और 2025-26 में टमाटर के उत्पादन में लगभग 10.21प्रतिश्त की वृद्धि के साथ 227.02 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। मसालों का उत्पादन 2024-25 में 124.84 लाख टन से बढ़कर लगभग 129.93 लाख टन लगभग 4.08प्रतिशत वृद्धि होने का अनुमान है, जिसमें लहसुन, अदरक, जीरा और हल्दी की पैदावार बढ़ी है; 2025-26 में कुछ मामूली कमी का अनुमान होते हुए भी लहसुन, इलायची और हल्दी जैसी फसलों में आगे और वृद्धि की संभावना बनी हुई है। फूलों का उत्पादन 2023-24 के 35.35 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में लगभग 20.65प्रतिशत की वृद्धि के साथ 42.65 लाख टन होने और क्षेत्र 25.24प्रतिशत बढ़कर 3.97 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है, जबकि सुगंधित व औषधीय फसलों का उत्पादन 7.26 से बढ़कर लगभग 9.01 लाख टन 24.11 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है। बागान फसलों में 2024-25 के दौरान मौसम के असर से उत्पादन 176.66 से घटकर 169.81 लाख टन होने का अनुमान है, लेकिन क्षेत्र 44.56 से बढ़कर 45.85 लाख हेक्टेयर होने की उम्मीद है, और 2025-26 में उत्पादन फिर से बढ़कर लगभग 179.68 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें नारियल के क्षेत्र और उत्पादन दोनों में सुधार की संभावना है। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, विजय बिंदवाल, सचिन पंवार, गुड मोहन राणा, आदि मौजूद रहे।




