
Date/21/02/2026
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देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत जाखन और सिनोला क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में सख्त कार्रवाई की गई। नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर संबंधित भवनों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र, स्वीकृति से अधिक अथवा भवन उपविधियों के विपरीत किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
जाखन में बहुमंजिला अवैध निर्माण पर सीलिंग
प्रथम प्रकरण जाखन, राजपुर रोड क्षेत्र से संबंधित है। यहां कपिल कुमार थापा द्वारा बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों और निरीक्षण आख्या के आधार पर प्रवर्तन टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते हुए अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। संबंधित व्यक्ति को पूर्व में नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, निर्माण गतिविधियां जारी रखी गईं। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने नियमानुसार उक्त स्थल पर सीलिंग की कार्रवाई की।
सिनोला में तृतीय तल पर अवैध निर्माण पकड़ा गया
दूसरा मामला सिनोला सप्लाई रोड, देहरादून से संबंधित है। यहां एक पूर्व निर्मित भवन के तृतीय तल पर बिना स्वीकृति अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था। मौके पर प्रवर्तन टीम द्वारा जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में चेतावनी एवं नोटिस जारी किए गए थे, किंतु निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया। नियमों की निरंतर अनदेखी को देखते हुए संबंधित परिसर को विधिक प्रक्रिया पूर्ण कर सील कर दिया गया।
अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई
उक्त दोनों मामलों में कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान का संचालन सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम द्वारा किया गया।टीम ने मौके पर पहुंचकर विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित की। आवश्यकतानुसार स्थानीय प्रशासन का सहयोग भी लिया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इससे यातायात दबाव बढ़ता है, जल निकासी प्रणाली बाधित होती है तथा अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अनियोजित बहुमंजिला निर्माण से क्षेत्र की आधारभूत संरचना पर अतिरिक्त भार पड़ता है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए एमडीडीए द्वारा ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाई गई है।




