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एआई के दौर में सजगता ही साइबर ठगी से बचाव का एकमात्र उपायः सैनी

छात्रों को किया डिजिटल खतरों के प्रति सचेत

Date/11/02/2026

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रुद्रप्रयाग। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प-एआई के सुरक्षित और ज़िम्मेदार उपयोग” थीम पर आधारित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं और अधिकारियों को बदलते दौर के डिजिटल खतरों के प्रति सचेत किया गया।

कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकित सैनी ने आधुनिक तकनीक के खतरों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में डीप फेक, वॉइस स्कैम और एआई जनित फ्रॉड बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। उन्होंने शैक्षिक वीडियो के माध्यम से फेक न्यूज़ की पहचान, डिजिटल अरेस्ट के छलावे, फिशिंग और यूपीआई ओटीपी फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इस दौरान उन्होने अधिकारी व छात्रों अपरिचित नंबर से वीडियो कॉल आने पर सतर्क रहने, एआई से बनी फर्जी आवाजों (वॉइस क्लोनिंग) से सावधान रहने व सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, सहायक निबंधक सहकारिता रणजीत सिंह राणा, प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ विनोद भास्कर सहित विभिन्न स्कूलों के छात्र व विभागीय कर्मचारी मौजूद थे।

कार्यशाला में केदारनाथ यात्रा के मद्देनजर विशेष रूप से हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग से जुड़ी ठगी पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं को चूना लगाते हैं। यात्रियों को केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग करने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई।

विशेषज्ञों ने ’साइबर हाइजीन’ पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करनी चाहिए। समय पर सूचना देने से ठगी गई राशि को फ्रीज किए जाने की संभावना बढ़ जाती है।

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