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बजट से बीमा क्षेत्र में स्थिरता और नीति-परिपक्वता को बल मिलेगाः वेंकटेश नायडू

बजट से बीमा क्षेत्र में स्थिरता और नीति-परिपक्वता को बल मिलेगाः वेंकटेश नायडू

Date/01/02/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए बजाजकैपिटल इंश्योरेंस ब्रोकिंग लिमिटेड के सीईओ वेंकटेश नायडू ने कहा कि यह बजट बीमा क्षेत्र के लिए नीति-परिपक्वता और संस्थागत स्थिरता के चरण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बजट में किसी बड़े नीतिगत बदलाव के बजाय निरंतरता और पूर्वानुमेयता पर जोर दिया गया है, जो दीर्घकालिक दृष्टि से उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है।

नायडू ने कहा कि बीमा उद्योग के लिहाज से बजट 2026 अपेक्षाकृत संतुलित और संयमित दिखाई देता है। इसका मुख्य कारण यह है कि पिछले एक वर्ष के दौरान कर प्रणाली और जीएसटी से जुड़े कई अहम संरचनात्मक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। इन सुधारों ने बीमा क्षेत्र को एक अधिक स्थिर और स्पष्ट नियामकीय ढांचा प्रदान किया है, जिससे कंपनियां अब बार-बार होने वाले बदलावों के बजाय बेहतर क्रियान्वयन, उत्पाद नवाचार और बीमा कवरेज के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य बीमा से जुड़े मोर्चे पर धारा 80क् के तहत कर छूट बढ़ाने की अपेक्षा थी, विशेष रूप से सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के लिए, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि बजट में इस दिशा में कोई सीधी घोषणा नहीं की गई, लेकिन स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, महत्वपूर्ण दवाओं के घरेलू निर्माण को प्रोत्साहन देने और आयात लागत कम करने पर सरकार का फोकस उल्लेखनीय है। लंबे समय में इन कदमों से इलाज की उपलब्धता और किफायतीपन दोनों में सुधार होने की संभावना है।

नायडू के अनुसार, एक सुदृढ़ और कुशल स्वास्थ्य प्रणाली का लाभ बीमा उद्योग को भी मिलता है। इससे बीमा दावों की गंभीरता और आवृत्ति में कमी आ सकती है, जिससे बीमा कंपनियां जोखिम प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से कर पाएंगी। मध्यम अवधि में यह स्थिति अधिक टिकाऊ प्रीमियम निर्धारण, बेहतर उत्पाद संरचना और ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजन का आधार बन सकती है, बशर्ते लागत में आई दक्षता का लाभ पॉलिसीधारकों तक पहुंचे। उन्होंने आगे कहा कि बजट में वित्तीय समावेशन, एमएसएमई क्षेत्र की मजबूती और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास पर लगातार दिया गया जोर बीमा क्षेत्र के लिए अप्रत्यक्ष रूप से लाभकारी है। जैसे-जैसे आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और नए व्यवसाय, संपत्तियां व आजीविकाएं जुड़ती हैं, वैसे-वैसे जोखिम प्रबंधन और सुरक्षा के साधन के रूप में बीमा की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

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