
हरिद्वार, उत्तराखंड प्राइम। वेदों के ज्ञाता अश्विनी गुरूजी इस युग के एकमात्र ऐसे योगी हैं जो कि प्राचीन वैदिक विज्ञान में दक्ष हैं और साधकों को शुद्ध योग का ज्ञान दे रहे हैं।उनका मानना है, कि योग एक साधना है ना कि कोई व्यवसाय और इसी का अनुसरण करते हुए उन्होंने आने वाले हर उस साधक को अपने सानिध्य में लिया है जो इस आत्मा की यात्रा पर आगे बढ़ना चाहता है।
सृष्टि कल्याण में समर्पित ध्यान फाउंडेशन के विभिन्न कार्यों के पीछे की शक्ति और प्रेरणा के स्रोत भी वही हैं। कर्म के सिद्धांत और उसके व्यावहारिक अनुभव में विश्वास रखते हुए उन्होंने स्वयं के उदाहरण से दुनिया भर में लोगों को सेवा और कर्म का मार्ग दिखाया हैं। देश के प्रमुख चिकित्सक उनकी क्षमताओं और उनके द्वारा सूत्रबद्ध सनातन क्रिया की प्रभावशीलता का प्रमाण देते हैं।
गुरुजी लगातार साधकों को वैदिक संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों कृ जैसे पाताल भुवनेश्वरी की गुफाओं, यू० के० में रोल राइट स्टोन्स, श्रीलंका में सिगरिया रॉक्स आदि कृ की आध्यात्मिक यात्राओं पर ले कर गए हैं और उनके इतिहास से जुड़े अनेक रहस्योदघाटन किए हैं । इस मई गुरुजी साधकों को देवभूमी उत्तराखंड में हरिद्वार ले जा रहे हैं, जहां उन्हें अच्छे स्वास्थ्य, तेज, शक्ति और चेतना के विकास के लिए ऋषियों के प्राचीन रहस्यों से परिचित कराया जायेगा।बिना किसी लेन-देन के,गुरु शिष्य परम्परा और शुद्ध योग का पालन करते हुए गुरुजी द्वारा साझा किया गया ज्ञान सहभागियों का जीवन बदलने की क्षमता रखता है। गुरुजी इस बात पर जोर देते हैं कि योग के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए स्वयं के कर्मों का शुद्धिकरण आवश्यक है।
उन्होंने सृष्टि की सहायता में अपना जीवन और संपत्ति समर्पित कर दी है।अपने कर्मों को सुधार कर अपनी आत्मा की यात्रा शुरू करने के लिए देवताओं की भूमि से बेहतर और कोई जगह नहीं है। बीएसएफ प्रमाणित करता है कि कोई अन्य संगठन देश भर में 70,000 से अधिक पशुओं के पुनर्वास के लिए कार्य नहीं कर रहा है,कर्म योग की इस नयी क्रांति में पूरे भारत में 45 से अधिक जीव आश्रयों के साथ, पशु एम्बुलेंस,पशु हेल्पलाइन, लंगर, गरीब बच्चों के लिए स्कूल,आदि कार्यों में ध्यान फाउंडेशन सबसे आगे है। एक सुखद, बेहतर और स्वस्थ अनुभव के लिए आप इस अनोखे आध्यात्मिक प्रवास पर आमंत्रित हैं।



