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इंदिरा गांधी के योगदान को देश सदैव याद रखेगाः गणेश गोदियाल

इंदिरा गांधी के योगदान को देश सदैव याद रखेगाः गणेश गोदियाल

Date/19/11/2025

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी 108वीं जयंती पर कांग्रेसजनों द्वारा प्रदेश के नव नियुक्त अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में भारी संख्या में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्षस गणेश गोदियाल के नेतृत्व में स्व0 इन्दिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राष्ट्र एवं विश्व की महान जननायिका तथा देश की एकता के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाली त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति, मात्र शक्ति की प्रतीक स्व0 इन्दिरा गांधी ने अपनी प्रतिभा कौशल एवं विद्यता से देश को प्रगति के पथ पर लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा गरीबी निवारण के साथ-साथ बैंकों का राष्ट्रीयकरण, बीस सूत्रीय कार्यक्रम जैसे विकासोन्मुखी कार्यक्रम शुरू करने के साथ ही सामाजिक समरसता एवं सद्भाव को मजबूत बनाने की दिशा में अनेकों उल्लेखनीय कार्य किये थे। स्व0 इन्दिरा ने विश्व ख्याति प्राप्त करते हुए समूचे विश्व का ध्यान भारत की ओर आकर्षित किया और देश के दुश्मनों का सिर झुका कर भारत की सम्प्रभुता मानने को मजबूर किया तथा बांग्लादेश युद्ध में पाकिस्तानी फौज पर ऐतिहासिक विजय हांसिल कर अलग बांग्लादेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

गणेश गोदियाल ने कहा कि जिस महिला ने इस विश्व का नक्शा बदल दिया उस महिला को ये देश सदैव अपने दिल में रखेगा, उनके पक्के इरादे और जनता की सेवा के लिए जिंदगी भर के समर्पण ने भारत की तरक्की के सफर पर एक अमिट छाप छोड़ी है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उनका आखिरी बलिदान लाखों सलाम का हकदार है। इंदिरा गांधी शुरू से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं। बचपन में उन्होंने ’’बाल चरखा संघ’’ की स्थापना की और असहयोग आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी की सहायता के लिए 1930 में बच्चों के सहयोग से ’’वानर सेना’’ बनाई। सितंबर 1942 में उन्हें जेल में डाल दिया गया। 1947 में इन्होंने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किया। बचपन से ही उनके मन में देश प्रेम एवं देश सेवा की भावना रही जिसे उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक निभाया। उन्होंने कहा कि चाहे देश के भीतर राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना हो, आर्थिक सुधार लागू करना हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करना हो, इंदिरा गांधी ने हर चुनौती का सामना साहस और दूरदर्शिता के साथ किया। उनके कई निर्णय विवादित रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा देशहित को प्राथमिकता दी।

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