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आईटीसी मिशन सुनहरा कल, अंबुजा फाउंडेशन एवं भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने चलाया स्वच्छता जागरण अभियान

आईटीसी मिशन सुनहरा कल, अंबुजा फाउंडेशन एवं भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने चलाया स्वच्छता जागरण अभियान

दिनांक/10/09/2025

Haridwar/ Uttarakhandprime 24×7 

हरिद्वार। “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत आईटीसी मिशन सुनहरा कल, अंबुजा फाउंडेशन एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने ग्राम रावली महदूद में एक विशाल स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अभियान ने न केवल गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया, बल्कि ग्रामीणों के मन में स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा भी जगाई। राजकीय प्राथमिक विद्यालय दादुपुर के समीपवर्ती कॉलोनी से अभियान की शुरुआत हुई। टीम ने सबसे पहले वहां जमा कूड़े के ढेरों को हटाया और स्थानीय दुकानदारों व ग्रामीणों को स्वच्छता का वास्तविक महत्व समझाया।

250 किलो कूड़ा एकत्र कर निस्तारण हेतु भेजा गया, जिससे कार्यक्रम को व्यावहारिक सफलता भी मिली। सभी उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता शपथ ली और यह संकल्प किया कि वे अपने घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों को हमेशा स्वच्छ रखेंगे तथा इस अभियान को केवल एक दिन की गतिविधि न मानकर नियमित आदत बनाएंगे। स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष बल- टीम ने ग्रामीणों को डेंगू व मलेरिया जैसे मौसमी रोगों से बचाव के उपाय बताए। स्पष्ट संदेश दिया गया कि छतों, गमलों और नालियों में पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें। गंदगी और ठहरे पानी से ही मच्छरजनित बीमारियां फैलती हैं। यदि किसी को बुखार आता है तो तुरंत निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। इस संदेश को घर-घर पहुँचाने के लिए श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की टीम ने विशेष संवाद एवं जन-जागरूकता गतिविधियाँ भी संचालित कीं।

इस अभियान में केवल आईटीसी मिशन सुनहरा कल और अंबुजा फाउंडेशन ही नहीं, बल्कि श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, लक्की ग्लोबल फाउंडेशन, प्रिंस पाइप्स, एसएचजी की सक्रिय महिलाएं, फील्ड फेसिलिटेटर सोनिया, अविनेश, आरती तथा सैकड़ों ग्रामीणजन भी शामिल हुए। कॉरपोरेट और समुदाय की इस साझेदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब सामाजिक संस्थाएं, कॉरपोरेट और ग्रामीण जनता मिलकर कार्य करती हैं, तो परिणाम कहीं अधिक स्थायी और प्रभावशाली होते हैं। “आईटीसी मिशन सुनहरा कल द्वारा विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में रंग-रोगन एवं टीएलएम पेंटिंग का कार्य पहले ही अत्यंत सराहनीय रहा है। अब गांव में स्वच्छता अभियान के माध्यम से संस्था ग्रामीण जीवन में एक नई दिशा दे रही है। यदि सभी कॉरपोरेट और सामाजिक संस्थाएं इसी तरह गांवों को अंगीकृत कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करें तो निश्चित ही ग्रामीण भारत की काया पलट हो जाएगी।”

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