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धर्मातरंण का रैकेट चलाने वाले छांगुर बाबा के तार उत्तराखण्ड से हैं जुड़े, पूछताछ के लिए एटीएस पहुंची दून

धर्मातरंण का रैकेट चलाने वाले छांगुर बाबा के तार उत्तराखण्ड से हैं जुड़े, पूछताछ के लिए एटीएस पहुंची दून

दिनांक/18/07/2025

Dehradun/ Uttarakhandprime 24×7 

देहरादून। अवैध धर्मातरंण का रैकेट चलाने वाले छांगुर बाबा के तार उत्तराखण्ड में भी जुड़े प्रतीत हो रहे है। इसे लेकर यूपी एटीएस की टीम ने प्रदेश की राजधानी देहरादून पहुंचकर दो लोगों से गहन पूछताछ की। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में बड़े स्तर पर अवैध धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. जिसमें मुख्य सरगना जलाउद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। छांगुर बाबा अवैध धर्मांतरण रैकेट चलाता था। जिसका नेटवर्क अब देहरादून से जुड़ने पर यूपी पुलिस की एटीएस ने एक युवती और एक व्यक्ति से पूछताछ की है। व्यक्ति को यूपी एटीएस अपने साथ ले गई है। बलरामपुर निवासी अवैध धर्मांतरण के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा 15 साल से सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण का रैकेट चला रहा था। छांगुर बाबा के तार कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी गैंग से भी जुड़े पाए गए हैं। छांगुर ने मुख्तार और उसके गैंग का सहयोग लेकर इलाके में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण और जमीन के अवैध कारोबार का खेल खेला। इस पूरे मामले की जांच यूपी एटीएस कर रही है।

यूपी एटीएस ने छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों से कई अहम खुलासे होने की उम्मीद की जा रही है। छांगुर बाबा विदेश से मिली धर्मांतरण की फंडिंग का इस्तेमाल जमीन खरीदने और आलीशान कोठियां बनाने में कर रहा था। बलरामपुर के उतरौला में उसने एक सिंधी परिवार का धर्मांतरण कराकर उन्हीं के नाम पर भव्य कोठी खड़ी की है।

, छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट के ठिकानों को लेकर एटीएस की लगातार छापेमारी चल रही है। इसी कड़ी में यूपी एटीएस को देहरादून के सहसपुर और डोईवाला में दो लोगों से कनेक्शन की सूचना मिली थी। जिस पर एक शख्स और एक युवती को पूछताछ के लिए बुलाया गया। जिनसे यूपी एटीएस की टीम ने कई एंगल से पूछताछ की। इसके बाद यूपी एटीएस शख्स को अपने साथ ले गई है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यूपी एटीएस का लगातार उत्तराखंड पुलिस के साथ समन्वय बना हुआ है। इसमें जो यूपी एटीएस को जानकारी मिली थी, उसमें दून पुलिस ने अपनी जानकारी साझा की है। साथ ही अगर इस तरह के उत्तराखंड में कुछ और निकलकर सामने आता है तो उसे भी साझा किया जाएगा। इस संबंध में यूपी के सीनियर अधिकारियों से बातचीत चल रही है।

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