
दिनांक/21/05/2025
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। महानगर युवा कांग्रेस कमेटी देहरादून द्वारा भारत रत्न स्व. राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर महानगर अध्यक्ष मोहित मेहता के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में श्रद्वाजंलि अर्पित करते हुए उनकी याद में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। रक्तदान शिविर में युवाओं ने रक्तदान कर राजीव द्वारा देश के लिए किये गये विकास कार्याे को याद किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रभारी शिवि चौहान ने रााजीव को श्रद्वासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. राजीव गांधी जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान, युवाओं के लिए उनकी दृष्टि, पंचायतीराज की मजबूती, संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधन एवं सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रान्ति के लिए किये गये योगदान के लिए सदैव याद किया जाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने भारत को 21वीं सदी में ले जाने का जो सपना देखा था वह साकार हो गया है। राजीव जी को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए उन्होंने कहा कि पंचायतीराज से जुड़ी संस्थाओं की मजबूती के लिए राजीव गांधी ने देश में पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त किया, जिससे सत्ता के विकेंद्रीकरण और पंचायती राज व्यवस्था को सबलता मिली तथा पंचायत स्तर तक लोकतंत्र पहुंचा। उनके कार्यकाल में पंचायतीराज व्यवस्था का पूरा प्रस्ताव तैयार हुआ जिसे 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए लागू किया गया। स्व0 राजीव गांधी जी के प्रधानमंत्रित्व काल में कांग्रेस सरकार की ओर से तैयार 64 वें संविधान संशोधन विधेयक के आधार पर 73वां संविधान संशोधन विधेयक पारित कराया. 24 अप्रैल 1993 से पूरे देश में पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई. जिससे सभी राज्यों को पंचायतों के चुनाव कराने को मजबूर होना पड़ा. पंचायतीराज व्यवस्था का मकसद सत्ता का विकेंद्रीकरण रहा।
इस अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर ने राजीव गांधी को भारत में दूरसंचार क्रांति का जनक बताते हुए कहा कि स्व0 राजीव गांधी की पहल पर अगस्त 1984 में भारतीय दूरसंचार नेटवर्क की स्थापना के लिए सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स की स्थापना हुई। इस पहल से शहर से लेकर गांवों तक दूरसंचार का जाल बिछना शुरू हुआ, जगह-जगह पीसीओ खुलने लगे, जिससे गांव और शहर संचार के मामले में आपस में और देश-दुनिया से जुड़ सके, फिर 1986 में स्व0 राजीव गांधी जी की पहल से ही एमटीएनएल की स्थापना हुई, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में और प्रगति हुई। राजीव गांधी ने संविधान में संशोधन कर पंचायतों को अधिकार सम्पन्न बनाने व युवाओं को मतदान का अधिकार देकर देश की मुख्य धारा से जोड़ने तथा भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाने की पहल की थी। उन्होंने कहा कि पहले देश में वोट देने की उम्र सीमा 21 वर्ष थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 18 वर्ष की उम्र के युवाओं को मताधिकार देने का महत्वपूर्ण कदम उठाया, 1989 में संविधान के 61वें संशोधन के जरिए वोट देने की उम्र सीमा 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई, इससे 18 वर्ष के करोड़ों युवाओं को अपने सांसद, विधायक से लेकर अन्य निकायों के जनप्रतिनिधि चुनने का अवसर मिला। स्व0 राजीव जी ने देश को शक्तिशाली व सम्पन्न राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा करते हुए भारत की एकता व अखण्डता के लिए अपने प्राणों का बलिदान तक कर दिया।




