डिस्ट्रीब्यूटर ऑफ उत्तराखंड की आम बैठक आयोजित, विभिन्न मुद्दों को लेकर व्यापारियों ने किया मंथन – Uttarakhand Prime 24X7

डिस्ट्रीब्यूटर ऑफ उत्तराखंड की आम बैठक आयोजित, विभिन्न मुद्दों को लेकर व्यापारियों ने किया मंथन

देहरादून। डिस्ट्रीब्यूटर ऑफ उत्तराखंड (देहरादून डिवीजन) की शनिवार को सहारनपुर रोड स्थित एक होटल में अध्यक्ष विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई डिस्ट्रीब्यूटर आँफ उत्तराखंड उत्तराखंड के डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक इकाई है जिसमें अधिकांश फास्ट मूविंग फूड प्रोडक्ट्स के डिस्टीब्यूटर्स सम्मिलित है। .ऐसा विगत कई वर्षों से देखा जा रहा है रिटेलर्स होलसेलर कैश डिस्काउंट काटकर पेमेंट करते हैं। इस पर विस्तृत चर्चा हुई और तय किया गया कि 6 दिन के अंदर अंदर जो होलसेलर रिटेलर पैसे देगा उन्हीं को कैश डिस्काउंट दिया जाएगा अन्यथा नहीं। बाजार से डिस्ट्रीब्यूटर जो कलेक्शन करते हैं इसमें होलसेलर और रिटेलर बहुत सारे टुकड़ों में पैसे देना चाहता है जिसमें लगातार डिस्ट्रीब्यूटर्स का और रिटेलर्स का एक आपस में मतभेद रहता है और हिसाब नहीं मिल पाता। यह सहमति बनी कि एक कमेटी का गठन कर कर रिटेलर्स और कोशिला उसके साथ मिलकर इस गतिरोध को दूर किया जाए।पिछले काफी समय से ऐसा देखा जा रहा है की रिटेलर्स और होलसेलर लगातार सस्ता और मंदा माल अपने चंद पैसे के फायदे के लिए असली नकली सब माल खरीद कर बाजार में बेच रहे हैं इस पर बहुत मंथन के बाद में तय किया गया जो रिटेलर और होलसेलर नकली सामान बेचकर समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं उन सभी को डिस्टीब्यूटर्स उत्तराखंड का एक प्रतिनिधिमंडल एक बार आघा करेगा, और उनके नहीं मानने पर सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स उनका बहिष्कार करेंगे। और कोई भी माल उनको नहीं दिया जाएगा।स्टीब्यूटर्स होलसेल एवं रिटेलर बाजार की मुख्य कडी है अगर हम सभी लोग अपनी-अपनी दुकानों के लिए ऑनलाइन माल ना खरीदने का निश्चय करें तो ही आने वाला वक्त हमारे हाथ में रहेगा और अगर हम इसी प्रकार से काम करते रहे और ऑनलाइन को बढ़ावा देते रहे हैं तो यह वक्त हमारे हाथ से फिसल जाएगा और कहीं ना कहीं हमें अपनी-अपनी दुकानें अपने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर इन्हें कंपनियों में डिलीवरी ब्वॉय स्टोर इंचार्ज, अकाउंटेंट की नौकरी करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। अपने भविष्य को बचाने के लिए हमें कहीं ना कहीं ऑनलाइन को हतोत्साहित करना चाहिए जिसमें सभी को एक साथ मिलकर काम करना पड़ेगा अपने चंद रूपों के फायदे के लिए हम अपना भविष्य अंधकार में डाल रहे हैं। जबकि पिछले दिनों प्रेस के माध्यम से हमें यह भी जानकारी मिली है कि बहुत सारी ऑनलाइन कंपनियों से नकली माल बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।सभा में उपस्थित सभी डिस्ट्रीब्यूटर भाइयों को एमएसएमई डिफॉल्टर दुकानदार पैसे नहीं देते है उनसें पेमेंट कलेक्शन में मदद की मुहिम चलाई जा रही है, उसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सभा में बहुत सारे व्यापारी ने बताया है कि 17-18 के जीएसटी के संबंध में डिपार्टमेंट से नोटिस आ रहे हैं जनरल हाउस में तय किया गया कि बहुत जल्द जीएसटी के बड़े अधिकारीयों से मिलकर वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 के विषय में जो दिक्कत व्यापारियों को आ रही है उसके समाधान की कोशिश की जाएगी।

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