
दिनांक/20/03/2025
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। भाजपा, प्रदेश सरकार के सेवा सुशासन के 3 वर्षों को जनसहभागिता के साथ भव्यतम रूप में मनाने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक में ऐतिहासिक विकास कार्यों एवं उपलब्धियों को जनता के मध्य पहुंचाने और राज्य में व्याप्त सकारात्मक माहौल को अधिक आगे ले जाने का आह्वाहन किया।
पार्टी मुख्यालय से प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी द्वारा संचालित इस वर्चुअल बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र बिष्ट, खिलेंद्र चौधरी, आदित्य कोठारी, विधायक विशन सिंह चुफाल, मदन बिष्ट, बंशीधर भगत,महेश जीना, पार्वती दास, दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह खेड़ा,भरत चौधरी, आशा नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, रेणु बिष्ट, सहदेव पुंडीर, सविता कपूर, विनोद कंडारी, अरविंद पांडे, प्रमोद नैनवाल के साथ प्रदेश पदाधिकारियों में मुकेश कोली, पुष्कर काला, आदित्य चौहान, देशराज र्नवाल, कस्तूभानंद जोशी, मनवीर सिंह चौहान, जोगेंद्र पुंडीर समेत जिला अध्यक्ष, प्रभारी, सह प्रभारी और नव निर्वाचित निकाय अध्यक्ष एवं जिला पंचायत अध्यक्ष भी शामिल हुए। इस बैठक में 23 मार्च को धामी सरकार के वर्तमान कार्यकाल के 3 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। जिसके तहत पार्टी कार्यकर्ता, सरकार के साथ समन्वय बनाते हुए 22 से 30 मार्च तक होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित कराएंगे।
इस दौरान अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट ने कहा, हम सभी को मिलकर सेवा सुशासन के ऐसे तमाम कार्यक्रमों को ब्लॉक स्तर तक ले जाते हुए भव्य स्वरूप देना है। जिसके लिए प्रत्येक विधायक, दायित्वधारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि अपने-अपने क्षेत्र में जहां भी ऐसे कार्यक्रम हो वहां जनता की पूर्ण सहभागिता हो। इसके पीछे हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि अधिक से अधिक जन समस्याओं का हाल तत्काल ऐसे कार्यक्रमों में हो। ताकि एक सकारात्मक और रचनात्मक सरकार का संदेश नीचे तक जाए। हमें विकास और जनकल्याण के ऐतिहासिक कार्यों को लेकर जनता के उत्साह को पहले से भी अधिक बढ़ाना है। जिससे प्रदेश में व्याप्त सकारात्मक माहौल अधिक सशक्त हो और विरोधी दलों की मिथ्या चर्चा एवं नकारात्मक माहौल पैदा करने की मंशा पर पूर्ण विराम लग जाए। हमे विकास और विरासत के संदेश को पंचायत के चुनावों तक लेकर जाना है ताकि विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य में सबकी सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।




