सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए एवं गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को याद किया गया
पद्मश्री डॉ. संजय एवं उनकी टीम पिछले 25 वर्षों से चला रही सड़क सुरक्षा अभियान

दिनांक/17/11/2024
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। संजय ऑर्थाेपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर और सेवा सोसायटी के तत्वावधान में दून विहार, जाखन, राजपुर रोड, देहरादून में हर साल की तरह इस साल भी सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए विश्व स्मरण दिवस 2024 का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए एवं गंभीर रूप से घायल हुए सभी लोगों को याद करना और सड़क यातायात पीड़ितों और उनके परिवारों को मंच प्रदान करना है। पद्मश्री डॉ. संजय तथा उनकी टीम पिछले लगभग 25 सालों से सड़क सुरक्षा के प्रति एक अभियान चला रखा है। वह समय-समय पर प्रदेश एवं देश के शिक्षण एवं सामजिक संस्थाओं के माध्यम से लोगों को सड़क दुर्घटनाओं से होने वाले वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाते रहते हैं। इसी के अंर्तगत मार्चूला में हुई बस दुर्घटना और देहरादून में हुई कार दुर्घटना के मृतकों के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
वरिष्ठ ऑर्थाेपीडिक सर्जन पद्मश्री डॉ. संजय ने बताया कि हर साल अपने देश में लगभग पाँच लाख दुर्घटनाऐं होती हैं, जिसमें लगभग डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है और लगभग इतने ही लोग अच्छे इलाज के बावजूद स्थाई या अस्थाई रूप से विकलांग हो जाते हैं और सड़क दुर्घटनाओं का दंश जीवन भर झेलते रहते हैं। यदि दुर्घटनाओं के कारण का आंकलन करें तो ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, ओवरटेकिंग सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं। इसके अतिरिक्त नींद का अभाव, नशे का प्रभाव, थकान का दबाव एवं वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करना आग में घी का काम करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जस्टिस हाई कोर्ट श्री राजेश टंडन ने कहा कि स्वयं को कानून के समर्थन के रूप में नियमों का पालन करें और रैश ड्राइविंग करने से बचें। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मेडिटेसन एक कारगर उपाय होगा जिसके लिए डॉ. संजय को मेडिटेसन के कार्यक्रम को चलाने का सुझाव दिया।
प्रो. विशाल सागर ने कहा कि सोशल मीडिया एक ध्यान भटकाने का काम कर रहा है जिसने समाज की परिभाषा ही बदल दी है। सभी लोग समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और अपनी ऊर्जा को एक सार्थक दिशा में लगाऐं। आईएएस प्रमोद कुमार, एसपी सिटी, देहरादून ने कहा कि यह केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हम सब की जिम्मेदारी है कि हम सब मिलकर दुर्घटनाओं को कम करें। उन्होंने सभी से आग्रह है कि आप सभी नशे से दूर रहें और सड़क यातायात नियमों का पालन करें। डॉ. अश्विनी कांबोज ने कहा कि आज के युवाओं में ओवर स्पीडिंग करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है जिसको समय रहते रोक लगाने की आवश्यकता है। ऑर्थाेपीडिक सर्जन डॉ. प्रवीण मित्तल ने कहा कि क्योंकि हमारा देहरादून शैक्षणिक संस्थानों से भरपूर है और यहां पर काफी मात्रा में युवा लोग रहते हैं। आप शराब पीकर वाहन न चलाऐं और इस तरह की आदतों को बचपन में ही सिखाया जाना चाहिए। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता संजय ने कहा कि अभिभावकों के लिए यह बहुत ही दुखद बात है। हमें ऐसी दुर्घटनाऐं समय-समय पर देखने को मिलती है परंतु हम इनसे कुछ सीखते नहीं है जो कि बड़े दुर्भाग्य की बात है।




