हरिद्वार में स्नान पर्व के लिए कोविड SOP जारी, श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए ये हैं निर्देश

बैसाखी। जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव के लिए 65 वर्ष से अधिक आयु एवं गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे 14 अप्रैल के स्नान पर आने से परहेज करें।कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 14 अप्रैल के बैसाखी स्नान के मद्देनजर हरिद्वार जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के थर्मल स्कैनिंग के आदेश जारी किए हैं। डीएम ने कहा कि अत्यधिक भीड-भाड़ वाले स्थानों पर कोविड से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को जागरूक किया जाए। मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाए। रैंडम थर्मल स्कैनिंग की जाए।संक्रमण से बचाव के लिए 65 वर्ष से अधिक आयु एवं गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे 14 अप्रैल के स्नान पर आने से परहेज करें। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि धर्मशालाओं, आश्रम, होटल, गेस्ट हाउस में ठहरने वाले श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग कराई जाए। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण मिलते हैं तो उसके संपर्क में आने वालों की ट्रैसिंग की जाए। एसओपी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महामारी अधिनियम एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।




