
दिनांक/13/08/2025
Uttarkashi/Uttarakhandprime 24×7
उत्तरकाशी। बीते 5 अगस्त को हर्षिल और धराली में आई आपदा ने लोगों से उनका सब कुछ छीन लिया। पीड़ितों के आंसू अभी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं लापता 69 लोगों के परिजनों की उम्मीदें समय के साथ दम तोड़ती दिख रही हैं। भले ही हर्षिल और धराली में अभी मलवे और पत्थरों में लापता लोगों की तलाश जारी है लेकिन खीर गंगा में जलस्तर बढ़ने से यह तलाश और मुश्किल होती जा रही है।
उधर हर्षिल में आपदा के बाद बनी 1200 मीटर लंबी झील के टूटने का खतरा लोगों के सर मंडरा रहा है एसडीआरएफ की टीमों द्वारा लाउडस्पीकर से मुंनादी की जा रही है कि लोग सतर्क रहें। झील में जमा इस पानी से हर्षिल के अस्तित्व को भारी खतरा बना हुआ है मौसम विभाग द्वारा 13कृ14 अगस्त के लिए जो भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है अगर इस क्षेत्र में बारिश होती है और झील का जलस्तर जो लगातार बढ़ रहा है और अधिक बढ़ता है तो इस झील का पानी हर्षिल में भारी तबाही मचा सकता है क्योंकि हर्षिल भागीरथी नदी के सीधे टक्कर के मुहाने पर बसा हुआ है। फिलहाल नदी जलस्तर आवासीय भवनों को लगभग छूकर गुजर रहा है। इस गंभीर खतरे के कारण लोग रात जागकर गुजार रहे हैं।
उधर धराली में खीर गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा था तथा यह पानी उसी मलबे से होकर गुजर रहा है जहां 69 लोगों की मलबे में तलाश की जा रही है। खराब मौसम के बीच भी यह तलाशी अभियान चलाया जरूर जा रहा है लेकिन अभी तक इसमें कोई सफलता नहीं मिल सकी है। मुखवा और धराली को जोड़ने वाला झूला पुल भी खतरे की जद में आ चुका है। अब अगर भागीरथी का जलस्तर और बढ़ता है तो फिर गंगोत्री जाने के रास्ते पूरी तरह बंद हो जाएंगे हालांकि इस पुल से आगे गंगोत्री मार्ग का एक बड़ा हिस्सा पहले ही नदी में समा चुका है और अब इस क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। मौसम विभाग द्वारा आधे उत्तराखंड में भारी से भी भारी बारिश की संभावना के मद्दे नजर रेड अलर्ट तथा आधे प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है तथा राज्य के सभी स्कूलोंकृकॉलेजों को 14 अगस्त तक बंद रखा गया है और लोगों से नदी नाले से दूर रहने की अपील की गई है।




