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स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने फिक्की फ्लो उत्तराखंड के कार्यक्रम में महिला नेतृत्व को किया प्रेरित

तृप्ति बेहल ने 2026-27 के लिए फिक्की फ्लो उत्तराखंड की चेयरपर्सन का कार्यभार संभाला

Date/11/04/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर ने “सेक्रेड फ्लो एन आफ्टरनून ऑफ ग्रेस एंड ग्रोथ“ के साथ अपने 2026-27 सत्र की गरिमामयी और अर्थपूर्ण शुरुआत होटल गॉडविन में की। इस आयोजन में सदस्यों को एक समृद्ध आध्यात्मिक और नेतृत्व अनुभव प्राप्त हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य आध्यात्मिक गुरु, जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह कार्यक्रम नई चेयरपर्सन तृप्ति बेहल के नेतृत्व में इस सत्र की पहली आधिकारिक सभा रहा। तृप्ति बेहल एक बहुआयामी रचनात्मक पेशेवर और सामाजिक उद्यमी हैं। वह एक फैशन डिजाइनर, कलाकार और प्रमाणित आर्ट थेरेपिस्ट हैं। ‘आर्ट इन फैक्ट’ और ‘बॉन बुशे’ की संस्थापक होने के साथ-साथ वह ‘उद्गम फाउंडेशन’ के माध्यम से वंचित महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए भी कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक सत्र से हुई, जिसमें उन्होंने आध्यात्मिकता, आंतरिक शक्ति और आज के बदलते वैश्विक परिदृश्य में नेतृत्व की भूमिका पर गहन विचार साझा किए। उनके विचार विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक रहे, जो नेतृत्व की भूमिकाओं में धैर्य और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं की शाश्वत शक्ति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “जब भी दुनिया ने असंतुलन या संकट का सामना किया है, तब नारी शक्ति ने ही संतुलन स्थापित किया हैकृचाहे वह दुर्गा या काली का उग्र स्वरूप हो या सृजन की पालन-पोषण करने वाली शक्ति। नारी दिव्यता की कोमल अभिव्यक्ति है; वह कुछ नहीं चाहती, फिर भी निरंतर देती रहती है। वह समाज और अर्थव्यवस्था में परिवर्तन का केंद्र है। यदि महिलाएं आध्यात्मिक नेतृत्व को अपनाएं, तो मानवता के लिए एक नए परिवर्तनकारी युग का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं ने हमेशा शासन, उद्यमिता, विज्ञान और आध्यात्मिकता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और स्थायी बदलाव के लिए धैर्य, दूरदर्शिता और समग्र दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया।

इसके पश्चात “अक्वेंट एंड अट्यून” नामक एक इंटरैक्टिव ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सदस्यों को फ्लो के दृष्टिकोण, मूल्यों और कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा आपसी संबंधों को सुदृढ़ करना था। इस सत्र में फ्लो उत्तराखंड की पूर्व चेयरपर्सन्सकृ किरन भट्ट टोडारिया, कोमल बत्रा, नेहा शर्मा (नेशनल गवर्निंग बॉडी मेंबर) और डॉ. गीता खन्नाकृने अपने अनुभव साझा करते हुए फ्लो की कार्यशैली, प्रभाव और इस सशक्त नेटवर्क का हिस्सा बनने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान गंगा सभा के महासचिव तनमय वशिष्ठ ने “टाइमलेस विजडम एंड द लिविंग स्पिरिट ऑफ मां गंगा” विषय पर एक प्रेरक सत्र लिया, जिसमें उन्होंने आध्यात्मिकता को दैनिक जीवन और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ा। उन्होंने कहा, “मां गंगा के प्रति प्रेम और भक्ति भाषा से परे हैकृयह शुद्ध और असीम भावनाओं की अभिव्यक्ति है। जब भी आप स्वयं को अकेला या व्याकुल महसूस करें, उनके तट पर कुछ समय बिताएं, आपको गहरी शांति और सुकून का अनुभव होगा।”

2026-27 के लिए कार्यकारिणी समिति में तृप्ति बेहल चेयरपर्सन, मीनाक्षी सोती सीनियर वाइस चेयरपर्सन, स्मृति बत्ता वाइस चेयरपर्सन, हरप्रीत कौर मारवाह सेक्रेटरी, ममता रावत जॉइंट सेक्रेटरी, मनीत सूरी ट्रेजरार, श्रुति गुप्ता जॉइंट ट्रेजरार और डॉ. गीता खन्ना इमीडिएट पास्ट चेयरपर्सन के रूप में शामिल हैं। चैप्टर वर्किंग टीम में अनुराधा डोवल, डॉ. गिगल रस्तोगी, नम्रता शर्मा, ज्योति सिंह राठौर, रूपा सोनी, लुबना मिर्जा, वेणु ढींगरा, नेहा चोक्सी, अनीता मारवाह जैन, श्रेया अग्रवाल, स्मृति लाल, डॉ. प्राची चंद्रा, दीक्षा भाटिया, साक्षी छाबरा, रमा चोपरा, गुरकिरण पाठक, तृप्ति बेहल, स्मृति बत्ता, हरप्रीत कौर मारवाह, ममता रावत, मनीत सूरी और श्रुति गुप्ता शामिल हैं, जो एक सशक्त और विविध नेतृत्व समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरपर्सन तृप्ति बेहल ने अपने वर्षभर के विजन को “पीपल, पर्पस और प्लैनेट” पर आधारित बताया।

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