
दिनांक/28/12/2023
Dehradun, Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। उत्तराखंड के लोग इन दिनों वन्यजीवों के बढ़ते हमलों के कारण दहशत के साये में जीने पर मजबूर हैं। बीते तीन माह में वन्य जीव हमलों में 30 लोगों को अपना शिकार बनाया जा चुका है जबकि 32 लोग घायल हुए हैं। अल्मोड़ा बागेश्वर से लेकर हल्द्वानी व नैनीताल के बाद अब हरिद्वार और राजधानी दून तक हो रहे इन हमलों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। वही वन विभाग की नींद भी हराम हो गई है। आए दिन राज्य के किसी न किसी हिस्से से ऐसी दिल दहलाने वाली खबरें सामने आ रही हैं और लोग आराम की नींद नहीं सो पा रहे हैं। वन्य जीव हमले से सुरक्षा का यह मामला अब नैनीताल हाई कोर्ट तक पहुंच गया है जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
बीते दिनों नैनीताल के भीमताल क्षेत्र में वन्यजीव हमले में तीन महिलाओं की मौत के बाद वन विभाग द्वारा रामनगर और भीमताल क्षेत्र से एक बाघ व गुलदार को जिंदा पकड़ा गया था जिनका डीएनए टेस्ट के बाद अब इन इस नरभक्षी बाघ की पहचान कर ली गई है। इससे पूर्व वन विभाग के अधिकारियों द्वारा इस नरभक्षी गुलदार या बाघ को मारने के आदेश दे दिए गए थे, मगर हाईकोर्ट द्वारा इस पर रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद एक युवती के बाघ के हमले में मौत के बाद भारी जनाक्रोश देखा गया। वन विभाग ने एक गुलदार को पिंजरे में कैद होने पर तथा दूसरे बाघ को कम्बिंग के दौरान ट्रैकुलाइजं कर पकड़ा गया था। जिसे रेस्क्यू कर रानीबाग लाया गया था इसके डीएनए टेस्ट में इसी बाघ के नरभक्षी की होने की पुष्टि हुई है। अब देखना यह है कि हाई कोर्ट कल इस मामले में क्या फैसला सुनाता हैं।
उधर देहरादून के सिंगली गांव में मां के सामने से 4 साल के बच्चे को गुलदार के उठाकर ले जाने की घटना से लोग भारी दहशत में हैं। उनकी मांग है कि वन विभाग जल्द इसे पकड़े अन्यथा कोई और भी अनहोनी कभी भी घट सकती है। बीते कल हरिद्वार में रोशनाबाद कोर्ट में हाथी के घुसने व आतंक मचाने की घटना से भी लोग दहशत में है हरिद्वार में तो हाथियों के झुंड का आये दिन हाईवे और बस्तियों में घुसने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आजकल दिन छोटा होने और 14 घंटे अंधेरा रहने के कारण जंगली जानवरों को आवासीय क्षेत्र में आने का मौका मिल रहा है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।




