
दिनांक/12/10/2025
Dehradun/Uttarakhandprime 24×7
देहरादून। संस्कार प्रणेता ज्ञानयोगी जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्रोत उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के मंगल सानिध्य में श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन गांधी रोड में श्री 1008 रिद्धि सिद्धि महामंडल विधान का भव्यतिभव्य आयोजन किया गया। जिसमे जिनेन्द्र भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य मुकेश जैन महावीर एनक्लेव को प्राप्त हुआ। मंडल पर कलश विराजमान धन कुमार जैन (खतौली), आशीष जैन, उदित जैन, मुकेश जैन, शुभम जैन द्वारा की गई। विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य राहुल जैन कविता जैन को प्राप्त हुआ। कुबेर इंद्र राकेश जैन, महेंद्र इंद्र, अनिल जैन द्रोण पूरी, सामंत इंद्र सुखमल जैन रीता जैन, ईशान इंद्र नितिन जैन (दत्ता एनक्लेव), इंद्र उदित जैन बने। पूज्य आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि मन की चंचलता का अर्थ है मन का क्षण-क्षण में बदलना, जो उसके जीवित होने का संकेत है। इसे वायु के समान वश में करना मुश्किल है, लेकिन अभ्यास और वैराग्य से काबू पाया जा सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए विचारों से दूरी बनाना, प्राणायाम करना, सत्संग करना और इंद्रियों के विषयों से मन को शांत रखना जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं।




