
देहरादून। उत्तराखंड प्राइम राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तराखण्ड़ के सहयोग से कम्बाइंड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च कुंआवाला देहरादून में माइक्रोबॉयोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा कोविड-19, चुनौतियां, अवसर एवं प्रबंधन विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया है।इस दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार रखे तो वहीं प्रतिभागियों ने पोस्टरों के माध्यम से अपने विषय का प्रस्तुतीकरण दिया।
सम्मेलन के समापन के अवसर पर दून मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष सयाना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। टेक्नो हब प्रयोगशाला देहरादून की निदेशक डॉ. रीमा पंत, कैलाश अस्पताल के निदेशक पवन शर्मा, आरोग्यम मेडिकल कॉलेज रूड़की के चेयरमैन संदीप केडिया, कोर कॉलेज ऑफ नर्सिंग हरिद्वार के चेयरमैन राजकुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
सम्मेलन के दूसरे दिन प्रथम सत्र में सिद्धार्थ माधव ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस फॉर कोविड-19 डिडेक्शन विषय पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने वीआर तकनीक पर आधारित ऐप से दिखाया कि कोविड काल में किस तरह हेल्थ वर्कस ने काम किया और इस दौरान हमें किस तरह की सावधानियां बरतनी थी। वहीं डीएनए लैब देहरादून के वैज्ञानिक डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बॉयोमेडिकल एडवांसमेंट एंड एप्लिकेशन इन पोस्ट पैनेडेमिक इरा विषय पर अपनी प्रस्तुति देते हुए वायरस के बारे में विस्तृत जानकारी दी, उन्होंने बताया कि किसी वायरस की जांच में लैब टेक्नीशियन की क्या भूमिका होती है। एस.आर.एच.यू. देहरादून के नर्सिंग डिपार्टमेंट की प्रो. नम्रता पुंडीर ने कोविड-19 नर्सिंग केयर असिस्टेंट एंड रिहैबिलिटेशन विषय पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से कोविड के विभिन्न स्टेजों में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर प्रकाश डाला।




